Shimla: फेस बेस्ड बायोमीट्रिक मशीन से लगेगी हाजिरी, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

Edited By Kuldeep, Updated: 14 Feb, 2026 06:43 PM

shimla biometric machine education department attendance

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शिक्षा कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस बेस्ड बायोमीट्रिक सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है।

शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शिक्षा कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस बेस्ड बायोमीट्रिक सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। विभाग ने सभी उपनिदेशकों, प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों तथा बीईईओ कार्यालयों को मशीनें प्राप्त कर जल्द इंस्टॉल करवाने के निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में सरकारी कार्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अब पारंपरिक रजिस्टर या साधारण बायोमीट्रिक की जगह फेस रिकॉग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की जा रही है। विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार नए मॉडल की फेस बेस्ड बायोमीट्रिक टर्मिनल मशीनें खरीदी गई हैं। इन मशीनों की खरीद एचपीएसईडीसी के माध्यम से की गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब सभी कर्मचारियों की उपस्थिति इसी मशीन के जरिए दर्ज होगी और इसकी निगरानी राज्य स्तर पर रियल-टाइम आधार पर की जाएगी। यानी किसी भी कार्यालय में देर से आने, समय से पहले जाने या अनुपस्थित रहने की जानकारी सीधे मुख्यालय तक पहुंचेगी।

इंजीनियर को देना होगा पूरा सहयोग
निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित कार्यालय सतलुज डॉक्यूमैंट कंपनी से मशीन प्राप्त करें और स्थापना के दौरान इंजीनियर को बिजली व नैटवर्क केबल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाएं, ताकि मशीन सुचारू रूप से कार्य कर सके। साथ ही मशीन को सुरक्षित स्थान पर लगाने के भी आदेश दिए गए हैं, ताकि चोरी या नुक्सान से बचाया जा सके।

मशीन में होंगी ये खूबियां
विभाग द्वारा भेजे गए स्पैसिफिकेशन के अनुसार मशीन में कई आधुनिक फीचर दिए गए हैं। इसमें फेस व पिन आधारित ऑथैंटिकेशन, 3.5 इंच एलसीडी टच पैनल (गोरिल्ला ग्लास), 1000 से अधिक यूजर क्षमता, 1.5 लाख फेस टैम्पलेट स्टोरेज, 4 लाख इवैंट रिकॉर्ड, 0.5 सैकेंड में फेस पहचान, 4 घंटे बैटरी बैकअप, 3 साल की वारंटी शामिल है। इस मशीन में लाइव फेस डिटैक्शन तकनीक भी है, जिससे फोटो या वीडियो दिखाकर उपस्थिति दर्ज करवाने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।

कर्मचारियों का पंजीकरण जरूरी
शिक्षा विभाग ने सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि हर कर्मचारी का डेटा मशीन में रजिस्टर किया जाए और सभी नियमित रूप से इसी टर्मिनल के जरिए उपस्थिति दर्ज करें। साथ ही अधिकारियों को मशीन संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

तुरंत भेजनी होगी रिपोर्ट
विभाग ने स्पष्ट किया है कि मशीन की स्थापना और कर्मचारियों के पंजीकरण के बाद अनुपालन रिपोर्ट तुरंत निदेशालय को भेजी जाए। इससे राज्य स्तर पर उपस्थिति प्रणाली की निगरानी शुरू की जा सकेगी। गौर हो कि लंबे समय से कई कार्यालयों में कर्मचारियों की देरी से आने-जाने की शिकायतें मिल रही थीं। फेस बेस्ड सिस्टम लागू होने से अब उपस्थिति में पारदर्शिता आएगी और फर्जी हाजिरी की संभावना समाप्त होगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!