Edited By Vijay, Updated: 01 Jan, 2026 06:30 PM

हिमाचल कांग्रेस के गलियारों में लंबे समय से छाया सन्नाटा अब टूटने वाला है। संगठन में चल रही सुस्ती को खत्म करते हुए पार्टी हाईकमान अब एक्शन मोड में आ गया है।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल कांग्रेस के गलियारों में लंबे समय से छाया सन्नाटा अब टूटने वाला है। संगठन में चल रही सुस्ती को खत्म करते हुए पार्टी हाईकमान अब एक्शन मोड में आ गया है। खबर है कि हिमाचल कांग्रेस को अगले एक सप्ताह के भीतर नए जिलाध्यक्ष मिल सकते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार होना तय है।
खरगे की टेबल पर पहुंची फाइल, बस औपचारिक ऐलान बाकी
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर यह है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से जुड़ी फाइनल रिपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दी है। संगठन में बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार से हाईकमान पहले ही विस्तृत चर्चा कर चुका है। अब नामों पर अंतिम मुहर लग चुकी है और केवल औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
चेहरों के चयन के लिए अपनाई गई थी विशेष प्रक्रिया
इस बार जिलाध्यक्षों का चयन बंद कमरों में नहीं, बल्कि जमीनी फीडबैक के आधार पर किया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने संगठन सृजन अभियान के तहत पर्यवेक्षकों को जिलों में भेजा था। इन पर्यवेक्षकों ने कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की नब्ज टटोली और अपनी रिपोर्ट हाईकमान को दी। इसी रिपोर्ट और दिल्ली में हुए मंथन के बाद अब नई टीम का ऐलान होने जा रहा है।
संगठन में होगा चेन रिएक्शन
जिलाध्यक्षों की नियुक्ति तो बस एक शुरूआत है। इसके तुरंत बाद संगठन में बदलाव का एक लंबा दौर चलेगा। जिलाध्यक्षों की घोषणा के तुरंत बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया जाएगा। पार्टी के फ्रंटल संगठनों में भी बड़े फेरबदल होना तय माना जा रहा है।
लंबे समय से खाली पड़े हैं पद
गौरतलब है कि कांग्रेस हाईकमान ने नवम्बर 2024 में प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक की सभी कमेटियों को भंग कर दिया था। तब से अब तक केवल प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर विनय कुमार की नियुक्ति हुई है, जबकि बाकी पूरा ढांचा खाली पड़ा है। इस देरी को लेकर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता नाराजगी भी जता चुके थे। अब उम्मीद है कि नई नियुक्तियों के साथ ही संगठन नए रंग-रूप में नजर आएगा।