Shimla: मुश्किल की घड़ी में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े कर्मचारी

Edited By Kuldeep, Updated: 10 Feb, 2026 07:00 PM

shimla employees government along

राजस्व अनुदान घाटा (आरडीजी) बंद होने से पैदा हुए आर्थिक संकट के बीच हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन ने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने की बात कही है।

शिमला (राक्टा): राजस्व अनुदान घाटा (आरडीजी) बंद होने से पैदा हुए आर्थिक संकट के बीच हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन ने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने की बात कही है। संगठन के अध्यक्ष राजिंद्र सिंह मिंया ने मंगलवार को आयोजित जनरल हाऊस में कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में कर्मचारी सरकार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यदि गाड़ी है तो कर्मचारी उसका पहिया है। ऐसे में यदि पहिया पंक्चर हो जाए तो गाड़ी नहीं चलती है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली जाने से पहले स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की सैलरी, डीए और एरियर नहीं रुकेगा। राजिंद्र मिंया ने कहा कि यदि परिवार में कुछ संकट हो तो सभी सदस्य एकजुट होकर उससे उभरने का काम करते हैं। ऐसे में सभी के सहयोग से ही संकट से उभरा जा सकता है। साथ ही कहा कि सरकार को भी कर्मचारी की भूमिका को समझना आवश्यक है। राजिंद्र मिंया ने कहा कि आरडीजी खत्म होने के बाद वित्त विभाग ने अपनी रिपोर्ट में पद खत्म करने और 30 प्रतिशत कार्यालय बंद करने का सुझाव दिया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में यदि कोई कड़े फैसले लेने पड़े तो सबसे ऊपर से पद समाप्त या कटाैती की शुरूआत हो। उन्होंने कहा कि किसी एक को ब्लेम करने से नहीं चलेगा। जनरल हाऊस में महासचिव वीजेंद्र सिंह व वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश भारद्वाज ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। इस दौरान उपाध्यक्ष हुक्म सिंह (हुक्की), संयुक्त सचिव रतन ठाकुर और कोषाध्यक्ष कुलदीप कुमार के साथ ही कार्यकारिणी सदस्य मयंक पस्सी, आशीष नेगी, देवेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, सुमित कुमार, रजत शर्मा, इंद्र देव, सौरभ कुमार व आकाश उपस्थित रहे।

समस्याओं का भी किया उल्लेख
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राजिंद्र मिंया ने सचिवालय से जुड़ी कई समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सचिवालय में कई नए अधिकारी आते हैं लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए कि सचिवालय का सिस्टम अलग है। ऐसे में वे जैसे परिवार के सदस्य के साथ बर्ताव करते हैं, वैसा ही बर्ताव स्टाफ के साथ करें।

मुख्य मांगें
सचिवालय में रिक्त चल रहे 220 पदों को शीघ्र भरा जाए। ट्रेनी/कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का नियमितीकरण वर्ष में 2 निश्चित अंतराल में किया जाए। सचिवालय, हि.प्र. लोक सेवा आयोग, निदेशक संपदा एवं प्रोटोकॉल में कार्यरत कर्मचारियों को भी सचिवालय भत्ता दिया जाए। जिन अनुभागों में अत्यधिक कार्यभार है, उन्हें 2 अनुभागों में विभाजित किया जाए या वहां अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति कर वर्क लोड कम किया जाए। सचिवालय में कार्य निष्पादन के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी एक ही मोड को लागू किया जाए। सभी अनुभागों में हाई-स्पीड कम्प्यूटर, बेहतर इंटरनैट एवं आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया जाए। केंद्र सरकार के कार्यालयों की तर्ज पर “5 डे वीक” लागू किया जाए, जिससे पैट्रोल-डीजल, बिजली की बचत, सरकारी खर्च में कमी और कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर हो सके।

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