Edited By Jyoti M, Updated: 27 Mar, 2026 05:00 PM

जिला कुल्लू के नरोगी क्षेत्र में हरे-भरे देवदार के पेड़ों को वन काटुओं द्वारा काटने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात लोगों ने देवदार के कई बेशकीमती पेड़ों को काट डाला है।
भुंतर, (सोनू): जिला कुल्लू के नरोगी क्षेत्र में हरे-भरे देवदार के पेड़ों को वन काटुओं द्वारा काटने का मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात लोगों ने देवदार के कई बेशकीमती पेड़ों को काट डाला है। इस घटना के बाद वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि विभाग फिलहाल केवल कटे हुए पेड़ों के ठूंठ गिनने की औपचारिकता निभा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने विभाग पर पक्षपात के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से कई स्थानों पर अपने चहेतों को एक साथ गिरे हुए कई पेड़ आबंटित किए जा रहे हैं। इन पेड़ों से स्लीपर निकालकर उन्हें ठिकाने लगाया जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुक्सान पहुंच रहा है। क्षेत्र में इस अंधाधुंध कटान से पर्यावरण प्रेमी भी हैरान हैं और विभाग की ढुलमुल कार्यप्रणाली की निंदा कर रहे हैं।
उधर, वन परिक्षेत्राधिकारी हुरला रेंज मोहन लाल ने कहा कि नरोगी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण कुछ पेड़ गिरे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भूस्खलन की आड़ में हरे-भरे पेड़ों को काटा गया है तो इसकी गहनता से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित वन खंड अधिकारी और वन रक्षक से रिपोर्ट तलब की जाएगी। यदि कोई कोताही पाई जाती है या अवैध कटान की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।