Edited By Vijay, Updated: 06 May, 2026 05:46 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के पांगी स्थित काशंग परियोजना के लेबर कैम्प में एक भीषण अग्निकांड सामने आया है। इस घटना में झुलसने से 2 मजदूरों की मौत हो गई....
रिकांगपिओ (राजकुमार): हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के पांगी स्थित काशंग परियोजना के लेबर कैम्प में एक भीषण अग्निकांड सामने आया है। इस घटना में झुलसने से 2 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात जब सभी मजदूर सो रहे थे, तभी लेबर कैम्प में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर सो रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में रंजीत कुमार (33 ) पुत्र मोहन सिंह, निवासी गांव टुरका, जिला उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) और जगत वारे रुकाया (31) पुत्र अवते रुकाया, निवासी जिला वैजूरा-1 (नेपाल) की झुलसने से मौत हो गई। वहीं, उत्तराखंड के रहने वाले सरवन नामक एक अन्य मजदूर ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।
मंगलवार देर रात जैसे ही इस भयानक अग्निकांड की सूचना मिली तो रिकांगपिओ से दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला। उनके साथ काशंग परियोजना के कर्मचारियों ने भी आग बुझाने में कड़ी मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
बताया जा रहा है कि लेबर कैम्प में बना शैड बाहर से लोहे का था, लेकिन उसके अंदर चारों तरफ प्लाई बोर्ड लगाए गए थे। इसी प्लाई बोर्ड के बीच बिजली की वायरिंग भी की गई थी। प्रथम दृष्टया पुलिस को अंदेशा है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट या फिर बीड़ी-सिगरेट के कारण लगी होगी। प्लाई बोर्ड होने के कारण आग ने तेजी से पूरे शैड को अपनी चपेट में ले लिया।
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है और तफ्तीश की जा रही है। शवों को कब्जे में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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