3 दशक बाद देव आज्ञा पर बर्फबारी के बीच गांव में बांधा सुरक्षा सूत्र

Edited By Vijay, Updated: 12 Dec, 2019 11:34 PM

fastened safety thread in village

कुल्लू में देव परंपरा अद्भुत और अनूठी है। इन देव परंपराओं का आज भी देव समाज से जुड़े लोग बखूबी पालन कर इन्हें निभा रहे हैं। वहीं देवी-देवता भी एक-दूसरे से भव्य देव-मिलन करने के लिए हारियानों को आदेश देते हैं और देवी-देवता परिक्रमा के दौरान भव्य देव...

कुल्लू (दिलीप): कुल्लू में देव परंपरा अद्भुत और अनूठी है। इन देव परंपराओं का आज भी देव समाज से जुड़े लोग बखूबी पालन कर इन्हें निभा रहे हैं। वहीं देवी-देवता भी एक-दूसरे से भव्य देव-मिलन करने के लिए हारियानों को आदेश देते हैं और देवी-देवता परिक्रमा के दौरान भव्य देव मिलन कर अपने-अपने क्षेत्र में सुख-शांति रखते हैं। जिला कुल्लू के साथ लगती मणिकर्ण घाटी की बराधा पंचायत के जां गांव में देवताओं ने परिक्रमा करते हुए गांव को एक सूत्र में बांध लिया।

लगातार हो रही बर्फ बारी के बीच इस कार्य को अंजाम दिया गया। कारदार सोभा राम ने बताया कि 3 दशक के बाद 100 घरों के गांव को एक सूत्र में बांधा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य गांव में किसी भी प्रकार की बुरी शक्तियों को गांव से दूर करना तथा इसके बाद भी कोई अनहोनी घटनाएं न हों। इसके लिए गांव में देवता परिक्रमा करते हुए सुरक्षा सूत्र बांधते हैं।

इस अवसर पर घाटी के आधा दर्जन से ज्यादा देवी-देवताओं ने इस देव कारज में भाग लिया, जिसमें स्थानीय देवता नमो नारायण, लक्ष्मी नारायण, जौज़ा नारायण, गौतम ऋ षि, माता रूपासना और देवता छमाहणी नारायण के आशीर्वाद से इस कार्य को संपन्न किया गया। इस अवसर पर आए हुए हारियानों व श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। इलाका वासियों रमेश कुमार, काका, अनिल कुमार व संतोष आदि ने कहा कि देवता ने देव कारज के आदेश दिए थे, उसके बाद देव आदेशानुसार इस देव कारज को निपटाया गया।

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