Edited By Kuldeep, Updated: 21 Mar, 2026 10:04 PM

हिमाचल प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम के तल्ख बने हुए तेवरों के चलते ऊंची चोटियों पर हिमपात और मध्य व मैदानी इलाकों में बारिश का क्रम रहने से शीतलहर की वापसी हो गई है।
शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम के तल्ख बने हुए तेवरों के चलते ऊंची चोटियों पर हिमपात और मध्य व मैदानी इलाकों में बारिश का क्रम रहने से शीतलहर की वापसी हो गई है। हालांकि शनिवार को हल्के बादलों के बीच धूप खिली तो लोगों ने राहत अवश्य पाई है, लेकिन पिछले 24 घंटों में सांगला में 20.5, कल्पा में 18.2, केलांग में 10, गोंदला में 4 व कुकुमसेरी में 2.1 सैंटीमीटर ताजा हिमपात रिकार्ड किया गया, जबकि कंडाघाट में 5, जाटों बैराज, मनाली, शिमला, गोहर, बरठीं में 4-4, सोलन, पालमपुर, भुंतर, सुन्नी भज्जी, सेओबाग, सराहन, पंडोल, चौपाल, बिलासपुर, भराड़ी, धर्मशाला, कसोल, ऊना, कसौली व मैहरे में 3-3 सैंटीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है।
भारी बर्फबारी और सड़कों पर फिसलन के कारण अटल टनल रोहतांग को सभी प्रकार के वाहनों के लिए फिलहाल बंद कर दिया गया है। पर्यटकों को केवल नेहरू कुंड तक ही जाने की अनुमति दी जा रही है। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 6 से 15 डिग्री सैल्सियस और न्यूनतम तापमान 2 से 5 डिग्री सैल्सियस नीचे चला गया है। शनिवार को शिमला में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री और अधिकतम 17 डिग्री के करीब रहा।
मौसम विभाग ने 23 मार्च के लिए कुल्लू, सोलन और बिलासपुर सहित कई जिलों में यैलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 26 मार्च तक मौसम खराब बना रह सकता है। 24 से 27 मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी का एक और दौर आने की संभावना जताई गई है। भूस्खलन और भारी बर्फबारी के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ऊंचे क्षेत्रों की ओर न जाने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।