Edited By Jyoti M, Updated: 20 Mar, 2026 10:52 AM

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। गुरुवार को कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर ताज़ा हिमपात होने से पूरे राज्य में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। गुरुवार को कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर ताज़ा हिमपात होने से पूरे राज्य में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। बर्फबारी के कारण ऊपरी इलाकों में सामान्य जनजीवन पर काफी असर पड़ा है और कई महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।
प्रमुख अपडेट और अलर्ट
शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। कुल्लू, सोलन और बिलासपुर जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। शनिवार और रविवार को मैदानी तथा मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के शुष्क रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
तापमान और यातायात की स्थिति
भारी बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। मनाली और उसके आसपास के क्षेत्रों में जहां भारी वर्षा हुई है, वहीं केलांग और गोंदला जैसे इलाकों में 10 से 13 सेंटीमीटर तक बर्फ जमी है।
यातायात पर प्रभाव:
सड़कों पर बर्फ की चादर बिछने के कारण परिवहन व्यवस्था बाधित हुई है। वर्तमान में मनाली से केलांग के बीच केवल 4x4 वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है, जबकि जलोड़ी दर्रा भी आंशिक रूप से यातायात के लिए बंद या प्रभावित है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।