Edited By Vijay, Updated: 17 Jan, 2026 10:21 PM

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा। उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से सत्ता-संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई है और राज्य सरकार आने वाले समय में कई...
शिमला (कुलदीप): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा। उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से सत्ता-संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई है और राज्य सरकार आने वाले समय में कई प्रकार की नई योजनाएं लेकर आएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नई दिल्ली से शिमला पहुंचने के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कुल्लू में पटवारी से मारपीट की घटना को लेकर पूछे प्रश्न के उत्तर में कहा कि यह मामला गंभीर है तथा सरकारी अधिकारी व कर्मचारी पर हाथ उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
केंद्रीय मंत्रियों से उठाई हिमाचल की मांगें
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से हुई मुलाकात को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 16वें वित्तायोग की सिफारिशों में राजस्व घाटा अनुदान को पांचों वर्ष बराबर आबंटित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से पावर प्रोजैक्टों में उचित रॉयल्टी देने की मांग की। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से हिमाचली हितों को लेकर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से सेब पर आयात शुक्ल को 100 फीसदी बढ़ाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि बागवानों से जुड़े विषय को लेकर प्रदेश के अधिकारी व बागवानी संघ के प्रतिनिधियों की टीम केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय में जाकर अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से ओपीएस के बदले रोकी गई 1600 करोड़ रुपए की एडीशनल बोरिंग बहाल करने की मांग की गई है।
वित्तीय अनुशासन से पटरी पर आई आर्थिकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन से प्रदेश की आर्थिकी पटरी पर आई है। उन्होंने कहा कि शुरूआत में ट्रेजरी में सुधार करने से 4-5 दिन वेतन-पैंशन की परेशानी आई। उन्होंने कहा कि आज राजस्व घाटा अनुदान 3200 करोड़ रुपए रहने के बावजूद प्रदेश में आर्थिक तंगी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद करके 40 वर्ष पुरानी व्यवस्था को बदला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की संपदा को लुटने से बचाया है।
आपदा में राशि आबंटन के पैरामीटर बदले जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री से आपदा में राशि आबंटन के पैरामीटर बदलने को कहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र में आपदा के लिए राशि एक समान नहीं हो सकती, इसके लिए पहाड़ी राज्यों के लिए अधिक धनराशि उपलब्ध करवाने की आवश्यकता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री की तरफ से घोषित 1500 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया गया है।