Edited By Swati Sharma, Updated: 21 Feb, 2026 03:34 PM

Bilaspur News: जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल में आदमखोर होते तेंदुओं की दहशत एक बार फिर चरम पर है। ताजा घटना कुठेड़ा-मसौर सड़क पर पेश आई, जहां एक विशालकाय तेंदुए ने बाइक सवार पूर्व सैनिक पर जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत यह रही कि पीड़ित ने सूझबूझ...
Bilaspur News: जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल में आदमखोर होते तेंदुओं की दहशत एक बार फिर चरम पर है। ताजा घटना कुठेड़ा-मसौर सड़क पर पेश आई, जहां एक विशालकाय तेंदुए ने बाइक सवार पूर्व सैनिक पर जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत यह रही कि पीड़ित ने सूझबूझ दिखाई और मौके से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे।
दहशत का वो मंजर...
जानकारी के मुताबिक, बीते गुरुवार की रात मसौर निवासी एवं पूर्व वार्ड सदस्य मस्त राम (पूर्व सैनिक) अपनी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह मसौर मोड़ के पास पहुंचे, अंधेरे में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर छलांग लगा दी। मस्त राम ने घबराने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। तेंदुआ कुछ दूर तक बाइक के पीछे भी झपटा, लेकिन रफ्तार अधिक होने के कारण वह शिकार करने में नाकाम रहा। गांव के अन्य युवाओं ने भी उसी स्थान पर तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि की है। ग्रामीणों ने तेंदुए की गतिविधियों को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया है। उनका कहना है कि यदि उस समय कोई पैदल राहगीर होता, तो अनहोनी निश्चित थी।
वन विभाग की सुस्ती पर भड़के ग्रामीण
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से घुमारवीं के विभिन्न गांवों में तेंदुओं की सक्रियता बढ़ी है, जिससे पशुपालकों और अभिभावकों में भारी डर है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग केवल औपचारिक गश्त तक सीमित है, जबकि तेंदुआ अब व्यस्त सड़कों तक पहुंच चुका है। रिहायशी इलाकों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है क्योंकि लोग बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पिंजरे लगाए जाएं और तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।