Edited By Vijay, Updated: 29 Aug, 2025 12:54 PM

हिमाचल प्रदेश में इस समय मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किन्नाैर: हिमाचल प्रदेश में इस समय मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य का जनजातीय जिला किन्नौर भी इस आपदा से अछूता नहीं रह पाया है।
किन्नौर जिले के लिप्पा गांव में शुक्रवार सुबह भीषण आपदा की स्थिति बन गई, जब अचानक बादल फटने की घटना हुई। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुबह के समय भोगती नामक नाले में अचानक तेज उफान आ गया। बादल फटने की वजह से नाला बेकाबू हो गया और इसकी चपेट में आकर आसपास के इलाके में तबाही मच गई।
इस जलप्रलय में गांव के कुछ हिस्सों को भारी नुक्सान पहुंचा है। नाले के किनारे स्थित बगीचे पूरी तरह बह गए हैं। दो मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए। इसके अलावा एक आरा मशीन भी तेज बहाव में बह गई। राहत की बात यह रही कि 2 लोग जो इस घटना के दौरान मलबे की चपेट में आ गए थे, उन्हें समय रहते स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम तुरंत लिप्पा गांव के लिए रवाना हो गई। राहत कार्य आरंभ कर दिए गए हैं और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। गांव के प्रभावित परिवारों की आवश्यक सहायता के लिए प्रशासन उन्हें राशन, अस्थायी आश्रय और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार इस साल बारिश की तीव्रता सामान्य से कहीं ज्यादा है। गांव वालों ने बताया कि पहले भी उन्होंने बरसात देखी है, लेकिन इस तरह अचानक पानी का ऐसा विकराल रूप पहली बार देखा गया। गांव में अब भी कई लोग दहशत में हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सुरक्षा के इंतजाम और तेज किए जाएं।