Edited By Vijay, Updated: 27 Nov, 2025 06:21 PM

नवम्बर माह सूखा बीतने और बारिश व बर्फबारी न होने के कारण अब प्रदेश के मैदानी इलाकों की आबोहवा खराब हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की आबोहवा सबसे खराब है।
शिमला (संतोष): नवम्बर माह सूखा बीतने और बारिश व बर्फबारी न होने के कारण अब प्रदेश के मैदानी इलाकों की आबोहवा खराब हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की आबोहवा सबसे खराब है। यहां का एक्यूआई 223 चल रहा है, जोकि पूअर श्रेणी में आता है। यहां लोग सांस संबंधी समस्याओं व पुरानी बीमारी से ग्रस्त लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब व कालाअंब की भी हवा मॉड्रेट चल रही है। पांवटा साहिब का एक्यूआई 110 व कालाअंब का 113 चल रहा है।
इन शहराें की हवा संतोषजनक श्रेणी में
धर्मशाला, सुंदरनगर, ऊना, डमटाल, परवाणु व नालागढ़ की आबोहवा संतोषजनक श्रेणी में है। धर्मशाला में 56, सुंदरनगर में 62, ऊना में 79, डमटाल में 63, परवाणु में 62, बरोटीवाला में 96 और नालागढ़ का एक्यूआई 82 है, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। सबसे अच्छी आबोहवा इन दिनों शिमला व मनाली की चल रही है। यहां सबसे साफ हवा चल रही है। शिमला का एक्यूआई 36 और मनाली का 32 चल रहा है। यही कारण है कि पर्यटक शिमला व मनाली की ओर अधिक अग्रसर हो रहे हैं।
क्या होता है एक्यूआई, कैसे करता है काम
एयर क्वालिटी इंडैक्स (एक्यूआई) वायु गुणवत्ता सूचकांक दरअसल एक नंबर होता है, जिसके माध्यम से हवा की गुणवत्ता का पता लगाया जाता है। इसके माध्यम से भविष्य में होने वाले प्रदूषण के स्तर का भी पता लगाया जाता है। हर देश का एयर क्वालिटी इंडैक्स वहां मिलने वाले प्रदूषण कारकों के आधार पर अलग-अलग होता है। भारत में एक्यूआई को मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमैंट, फोरैस्ट और क्लाइमेट चेंज ने एक संख्या, एक रंग, एक विवरण के आधार पर लांच किया है।
ये होते हैं एक्यूआई के मानक
एक्यूआई को इसकी रीडिंग के आधार पर 6 कैटेगरी में बांटा गया है। 0-50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम, 201-300 के बीच खराब, 301-400 के बीच बेहद खराब और 401-500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है। खराब, बेहद खराब व गंभीर श्रेणी श्वास रोगियों, हृदय रोगियों, बच्चों व बुजुर्गों के लिए खतरनाक मानी जाती है।