हिमाचल की RDG बंद करने पर कांग्रेस का दिल्ली में मंथन, राज्यसभा चुनाव को लेकर भी बनी रणनीति

Edited By Vijay, Updated: 20 Feb, 2026 08:56 PM

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नई दिल्ली में शुक्रवार को कांग्रेस की एक अहम रणनीतिक बैठक हुई, जिसमें मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक ढांचे की मजबूती, केंद्र द्वारा आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद किए जाने और राज्यसभा चुनाव सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत...

शिमला (राक्टा): नई दिल्ली में शुक्रवार को कांग्रेस की एक अहम रणनीतिक बैठक हुई, जिसमें मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक ढांचे की मजबूती, केंद्र द्वारा आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद किए जाने और राज्यसभा चुनाव सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार तथा प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। 

राज्य के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए हर मंच पर उठाएंगे आवाज : सीएम सुक्खू
सूत्रों के मुताबिक बैठक में हिमाचल को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले पर गंभीर चिंता जताई गई। कांग्रेस नेतृत्व ने इस मुद्दे को केवल वित्तीय विषय तक सीमित न रखकर राज्य के अधिकारों और संघीय ढांचे से जोड़ते हुए जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर विचार किया।मुख्यमंत्री सुक्खू का कहना था कि राज्य के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए हर मंच पर आवाज उठाई जाएगी। पहले केंद्र सरकार से संवाद किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अन्य विकल्प भी देखे जाएंगे। 

भाजपा के वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों का दिया जाएगा तथ्यात्मक जवाब 
बैठक में प्रदेश में विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वित्तीय संकट के आरोपों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय आपात स्थिति नहीं है और सरकार व्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन कर रही है। निर्णय लिया गया कि भाजपा के वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा। बैठक में रणनीति बनी कि हिमाचल कांग्रेस अब रक्षात्मक मुद्रा से बाहर निकल कर आक्रामक राजनीतिक रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी। इसके तहत आरडीजी का मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन सकता है। कांग्रेस इसे भाजपा के खिलाफ बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है। 

राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशी के नाम पर मंथन, ये 3 नाम मुख्य रूप से शामिल
वहीं पार्टी नेतृत्व ने इस दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि राज्यसभा चुनाव पार्टी की राजनीतिक साख से जुड़ा विषय है, ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सूत्रों के अनुसार प्रत्याशी के नाम पर मंथन हुआ है। इनमें प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और आनंद शर्मा के नाम मुख्य रूप से शामिल बताए जा रहे हैं। 

सत्ता और संगठन के समन्वय को लेकर भी हुआ मंथन
बैठक में सत्ता और संगठन के समन्वय को लेकर भी मंथन हुआ। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) और जिला कांग्रेस कमेटियों के गठन को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। सूत्रों के अनुसार बैठक में मंत्रिमंडल के रिक्त पड़े एक पद को भरने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में भारत-अमरीका ट्रेड डील पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू ने साफ कहा कि यह समझौता हिमाचल के बागवानों पर भारी पड़ सकता है। बैठक में तय हुआ कि बागवानों के हकों के साथ कोई समझौता सहन नहीं किया जाएगा। इस पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी भी आक्रामक रुख अपनाएगी।

सीएम ने प्रधानमंत्री से मिलने का मांगा समय
दिल्ली दौरे पर चल रहे मुख्यमंत्री सुक्खू प्रधानमंत्री के साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री से भी मुलाकात कर सकते हैं। सूचना के अनुसार इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री से मिलने का समय मांगा है। मुलाकात के दौरान वह मुख्य रूप से आरडीजी को बहाल करने के साथ ही अन्य मसलों को उठा सकते हैं।

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