Hamirpur: डेढ़ साल बाद सार्वजनिक मंच पर दिखे धूमल, पुराने साथियों से मिलकर हुए भावुक; बमसन के विकास और इतिहास को किया याद

Edited By Vijay, Updated: 11 Jan, 2026 07:36 PM

bjp leader prem kumar dhumal

पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने रविवार को करीब डेढ़ साल के अंतराल के बाद सार्वजनिक मंच पर वापसी की। मौका था जमाली धाम गौशाला में आयोजित पुराने बमसन विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के मिलन समारोह का।

हमीरपुर (राजीव): पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने रविवार को करीब डेढ़ साल के अंतराल के बाद सार्वजनिक मंच पर वापसी की। मौका था जमाली धाम गौशाला में आयोजित पुराने बमसन विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के मिलन समारोह का। रसील सिंह मनकोटिया और प्यारे लाल शर्मा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 13 वर्षों बाद पुराने साथी एक मंच पर जुटे, जिसे देखकर प्रो. धूमल भावुक हो गए।

हम चुनाव और लड़ाइयां तभी हारते हैं जब हम अपना इतिहास भूल जाते हैं
अपने संबोधन में प्रो. धूमल ने बमसन के विकास का श्रेय इन्हीं पुराने कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने इतिहास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम चुनाव और लड़ाइयां तभी हारते हैं जब हम अपना इतिहास भूल जाते हैं। उन्होंने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि 1000 वर्ष पूर्व उसे लूटा गया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसका पुनर्निर्माण कर भारत के गौरव को पुनः स्थापित किया। धूमल ने याद दिलाया कि एक समय बमसन को काला पानी माना जाता था और अधिकारी यहां आने से कतराते थे, लेकिन आज यह क्षेत्र अपने सघन सड़क नैटवर्क और विकास मॉडल के लिए जाना जाता है।

1982 से पहले बमसन में बाहरी लोग लड़ते थे चुनाव 
धूमल ने अपने राजनीतिक सफर को सांझा करते हुए कहा कि 1982 से पहले बमसन में बाहरी लोग चुनाव लड़ते थे, लेकिन डॉ. लश्करी राम ने स्थानीय निवासी के रूप में जीत दर्ज कर इतिहास रचा। 1998 में उन्होंने स्वयं यहां से चुनाव लड़कर लावारिस समझे जाने वाले बमसन की तकदीर बदल दी। जनता के स्नेह का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें तीन बार सांसद और विधायक बनाया और बेटे को भी लगातार पांचवीं बार सांसद चुना।

28 विधायकों के साथ सरकार चलाने का हुनर सिर्फ धूमल में : आशीष शर्मा
सदर विधायक आशीष शर्मा ने प्रो. धूमल की नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 1998 में धूमल जी ने मात्र 28 विधायकों के साथ पूरे 5 साल सरकार चलाई थी, जबकि आज 40 विधायक होने पर भी सरकार संभालना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2007 में केंद्र में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद धूमल जी ने हिमाचल में भाजपा सरकार को कुशलता से चलाया और प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया।

आज का संगठन कान में फुस-फुस और फोटो तक सीमित: मनकोटिया
भाजपा नेता रसील सिंह मनकोटिया ने संगठन की मौजूदा कार्यशैली पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आज संगठन सिर्फ नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने और कान में फुस-फुसाने वाला बनकर रह गया है। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बमसन का संगठन प्रदेश में सबसे मजबूत था और धूमल जी ने बिना खर्चे के रिकॉर्ड 26 हजार मतों से जीत दर्ज की थी। उन्होंने दर्द बयां किया कि 2012 में बमसन के टुकड़े होने के बाद पुराने वफादार कार्यकर्ताओं की सुध नहीं ली गई। यह वही कार्यकर्ता थे जो घर से खाना लाकर पोस्टर लगाते थे।

धूमल चुनाव न हारते तो आज जिले की तस्वीर कुछ और ही होती : सुखदेव सिंह
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ कार्यकर्ता सुखदेव सिंह ने कहा कि यदि 2017 में धूमल चुनाव न हारते, तो आज जिले की तस्वीर कुछ और ही होती। इस आयोजन ने न केवल पुरानी यादों को ताजा किया, बल्कि कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार भी किया।

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