Hamirpur: उपभोक्ताओं पर जबरदस्ती नहीं थोपा जा सकता स्मार्ट मीटर : खरवाड़ा

Edited By Kuldeep, Updated: 12 Feb, 2026 10:12 PM

nadaun consumer smart meter

विद्युत बोर्ड इम्प्लाइज, इंजीनियर्स, पैंशनर्स व उपभोक्ताओं ने संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत मंडल गगाल कॉम्पलैक्स में प्रस्तावित बिजली संशोधन विधयेक 2025 के विरोध में भोजनावकाश के समय विरोध प्रदर्शन किया।

नादौन (जैन): विद्युत बोर्ड इम्प्लाइज, इंजीनियर्स, पैंशनर्स व उपभोक्ताओं ने संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत मंडल गगाल कॉम्पलैक्स में प्रस्तावित बिजली संशोधन विधयेक 2025 के विरोध में भोजनावकाश के समय विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर विद्युत बोर्ड पैंशनर्स फोरम के वरिष्ठ प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि प्राइवेट प्लेयर्स अपना अलग से कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार न करके पहले से विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए विद्युत आपूर्ति करेंगे। इसके लिए उन्हें विद्युत बोर्ड लिमिटेड के ग्रिड सब-स्टैशनों से लेकर उपभोक्ताओं के घरों तक स्मार्ट मीटर्स की जरूरत रहेगी, ताकि वे खरीदी व बेची गई बिजली का डाटा उनके डाटा सैंटर में ट्रांसमिट हो सके और वे अपना लेखा-जोखा कर सकें।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर्स कॉर्पोरेट घरानों को अपना धंधा चलाने के लिए जरूरी है न कि आम बिजली उपभोक्ताओं के लिए परंतु स्मार्ट मीटर्स के पर खर्च किए जा रहे लगभग 2500 करोड़ रुपए की वसूली भी उपभोक्ताओं से होगी व रियल टाइम डाटा डाटा सैंटर में ट्रांसमिट होने से टैरिफ भी लोड के हिसाब से दिन को कम व रात को ज्यादा लगेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में जहां प्रदेश सरकार द्वारा 125 यूनिट बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त दी जा रही है, जिससे लगभग साढ़े 12 लाख उपभोक्ताओं का बिल शून्य आ रहा है। ऐसे में 10 हजार का स्मार्ट मीटर लगाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर जबरदस्ती उपभोक्ताओं पर थोपा नहीं जा सकता क्योंकि विद्युत कानून 2003 की धारा 47(5) के मुताबिक उपभोक्ता की सहमति के बिना प्रीपेड मीटर नहीं लगाया जा सकता।

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