Edited By Kuldeep, Updated: 15 Feb, 2026 07:11 PM

ठाकुर राम सिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी में ठाकुर राम सिंह की 111वीं जयंती समारोह मनाया गया।
हमीरपुर (राजीव) : ठाकुर राम सिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी में ठाकुर राम सिंह की 111वीं जयंती समारोह मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्य वक्ता सुरेश सोनी अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विवकर्मा, अध्यक्ष अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, डा. प्रेम लाल गौतम, कुलाधिपति डा. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा बिहार, प्रो. शशि बाला अधिष्ठाता, भारतीय विज्ञान केन्द्र भारतीय विद्या भवन दिल्ली, शैलजा कटोच, कटोच राजवंश तथा शोध संस्थान अध्यक्ष प्रो. भाग चन्द चौहान एवं निदेशक व संगठन सचिव डॉ. चेतराम गर्ग रहे।
इस कार्यक्रम से पूर्व श्रद्धेय ठाकुर राम सिंह की आदमकद प्रतिमा का अनावरण, शोध संस्थान के कार्य का डिजिटलीकरण व संस्थान द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। नड्डा ने ठाकुर राम सिंह को स्मरण करते हुए कहा कि आज भी ऐसी शख्सियत की जयन्ती मना रहे हैं जो आने वाली पीढ़ियों को सदा-सदा के लिए प्रेरणा देती रहेगी। हम सभी जानते हैं कि भारत की बीसवीं शताब्दी कैसी रही है उन परिस्थितियों में 1941 में एक युवा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क में आया और अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया। 88 वर्ष की आयु में इतिहास संकलन जैसे नए प्रकल्प को शुरू करना और उसे पूरा करना ठाकुर राम सिंह की दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संगठन कौशल को दर्शाता है।
ठाकुर राम सिंह ने इतिहास को केवल पढ़ा ही नहीं उसे नई दिशा दी : धूमल
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि ठाकुर राम सिंह का व्यक्तित्व बहुत महान था और इतिहास के लिए उन्होंने जो कुछ किया वह स्वयं इतिहास बन गया। उनके सम्पर्क में जो भी आता था प्रभावित हुए बिना नहीं रहता था। 88 वर्ष की आयु में शोध संस्थान की स्थापना का लिया संकल्प आज फलीभूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामसिंह ने इतिहास को केवल पढ़ा ही नहीं उसे नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामसिंह को मैं हृदय से नमन करता हूं कि उनका जीवन हम सबके लिए एक प्रकाश स्तम्भ है जो हमें अपनी संस्कृति, इतिहास और मूल्यों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।
मुख्य वक्ता सुरेश सोनी ने कहा कि अपने लेखन से न केवल हिमाचल की सांस्कृतिक चेतना को स्वर दिया बल्कि इतिहास और लोक परम्पराओं को नई पहचान भी दिलाई।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘स्मारिका : वार्षिक प्रतिवेदन (2025-26) तथा पांच पुस्तकें ‘ऋग्वेद में पश्चिमी हिमालय के संदर्भ’ सम्पादक डॉ. ओम दत्त सरोच, अमित शर्मा, शशि शर्मा, ‘हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत’, सम्पादक बारू राम ठाकुर, मिहिर बोराना, ‘हिमाचल प्रदेश के गांव’ संपादक डॉ. राकेश कुमार शर्मा व ऋषि कुमार का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सिकंदर कुमार एवं राजीव भरद्वाज, प्रदेश भर के विधायक, पूर्व विधायक तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्त्ता एवं गण्यमान्य नागरिक उपस्थित रहे।