Edited By Vijay, Updated: 07 Feb, 2026 10:00 AM

हिमाचल प्रदेश में होम स्टे संचालकों के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा होम स्टे ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए जाने के बाद अब पंजीकरण और नवीनीकरण (रिन्यूअल) की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही संपन्न होगी।
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश में होम स्टे संचालकों के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा होम स्टे ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए जाने के बाद अब पंजीकरण और नवीनीकरण (रिन्यूअल) की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही संपन्न होगी। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी प्रकार के ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
होम स्टे योजना 2008 या इनक्रैडिबल इंडिया बैड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) योजना के तहत 24 जून, 2025 से पहले पंजीकृत सभी संचालकों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इन संचालकों को अपने दस्तावेज अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। राहत की बात यह है कि इस प्रक्रिया के लिए संचालकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। जैसे ही संचालक पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करेंगे, पर्यटन विभाग उनकी जांच के बाद उन्हें स्वीकृत करेगा। इसके पश्चात इन इकाइयों को 'नए होम स्टे नियम-2025' के तहत पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा।
यदि किसी इकाई ने 24 जून, 2025 के बाद ऑफलाइन पंजीकरण करवा लिया है, तो उसे दोबारा कोई औपचारिकता पूरी करने की आवश्यकता नहीं है। जिन संचालकों ने निर्धारित अवधि के भीतर दस्तावेज जमा नहीं किए हैं, उन्हें तय समयावधि के अंदर पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी, अन्यथा वे नए नियमों के लाभ से वंचित रह सकते हैं। पर्यटन विभाग के इस कदम से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और संचालकों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।