Edited By Vijay, Updated: 03 Jan, 2026 05:32 PM

धर्मशाला के गवर्नमैंट कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पल्लवी की संदिग्ध और दुखद मौत के मामले में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आराेपी असिस्टैंट प्रोफैसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया...
शिमला: धर्मशाला के गवर्नमैंट कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पल्लवी की संदिग्ध और दुखद मौत के मामले में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आराेपी असिस्टैंट प्रोफैसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा जारी आदेश के बाद अमल में लाई गई है।
क्या है पूरा मामला
गवर्नमैंट कॉलेज धर्मशाला में बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा पल्लवी पुत्री विक्रम सिंह की मौत ने पूरे शिक्षा जगत को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आरोपों के मुताबिक छात्रा के साथ कॉलेज में प्रताड़ना और रैगिंग जैसी घटनाएं हुई थीं। इस मामले में कॉलेज के भूगोल विभाग के असिस्टैंट प्रोफैसर अशोक कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
शिक्षा विभाग का कड़ा एक्शन
शिक्षा सचिव राकेश कंवर (आईएएस) ने मामले का संज्ञान लेते हुए निलंबन आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार असिस्टैंट प्रोफैसर अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पैंड कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय उच्च शिक्षा निदेशालय, शिमला तय किया गया है। वह सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़कर कहीं नहीं जा सकेंगे।
प्रोफैसर और 3 छात्राओं पर दर्ज की गई है एफआईआर
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफैसर अशोक कुमार और कॉलेज की 3 छात्राओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75, 115(2), और 3(5) व हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू
विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राथमिक जांच में प्रोफैसर की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने के मकसद से यह निलंबन किया गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग और उत्पीड़न को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
मामले में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा : सुक्खू
उधर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कंडाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान जानकारी सांझा करते हुए बताया कि बेटी ने जो बयान दिया है, उसके आधार पर मैंने आज फैसला किया है कि जिस प्रोफैसर का उसने नाम लिया है, उसे तत्काल निलंबित किया जाए। इस मामले में जो भी दोषी होंगे, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।