Mandi: एम्बुलैंस कर्मचारियों ने मंडी में निकाली 'शव यात्रा', चौहाटा बाजार में फूंका सरकार का पुतला

Edited By Vijay, Updated: 14 Feb, 2026 07:25 PM

ambulance workers burnt the effigy of the government

हिमाचल प्रदेश में एम्बुलैंस कर्मचारी यूनियन की हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के तीसरे दिन मंडी के चौहाटा बाजार में कर्मचारियों ने सरकार का पुतला फूंका।

मंडी: हिमाचल प्रदेश में एम्बुलैंस कर्मचारी यूनियन की हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के तीसरे दिन मंडी के चौहाटा बाजार में कर्मचारियों ने सरकार का पुतला फूंका। इससे पूर्व कर्मचारियों ने शहर में रोष स्वरूप शव यात्रा निकाली। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, महासचिव राजेश शर्मा, यूनियन के प्रधान सुमित कुमार व महासचिव पंकज कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। 

सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह और यूनियन प्रधान सुमित कुमार ने सरकार व मेडसवान कंपनी पर कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों को वर्तमान में मात्र 5,700 रुपए मासिक वेतन मिल रहा है, जबकि सरकारी दरों के अनुसार उन्हें 13,750 रुपए मिलना चाहिए, साथ ही कंपनी द्वारा दोगुना ओवरटाइम भी नहीं दिया जा रहा है।

यूनियन नेताओं ने जानकारी दी कि वर्ष 2022 में पूर्व भाजपा सरकार द्वारा मेडसवान कंपनी के साथ 5 वर्ष का समझौता किया गया था। आरोप है कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों को दिए जा रहे मासिक वेतन में ही ओवरटाइम और हाऊस रैंट को भी शामिल कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी को जो पीएफ अपनी ओर से अदा करना चाहिए, वह भी कर्मचारियों के वेतन से ही काटा जा रहा है।

सुमित कुमार ने बताया कि 6 फरवरी को शिमला में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते अब रविवार को गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आंखों, कान और मुंह पर काली पट्टियां बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, सोमवार को शिमला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने साफ तौर पर सरकार को चेतावनी दी है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार और कंपनी ने उनकी जायज मांगों का शीघ्र समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

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