Edited By Jyoti M, Updated: 10 Feb, 2026 05:22 PM

कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो पहली कोशिश ही मुकाम तक पहुँचाने के लिए काफी होती है। छोटी काशी के नाम से मशहूर मंडी जिले की मुस्कान चौहान ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है।
हिमाचल डेस्क। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो पहली कोशिश ही मुकाम तक पहुँचाने के लिए काफी होती है। छोटी काशी के नाम से मशहूर मंडी जिले की मुस्कान चौहान ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। गोहर क्षेत्र के एक छोटे से गाँव गणई की इस प्रतिभावान बेटी ने UGC NET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर शिक्षा और कानून के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है।
प्रेरणा जो लक्ष्य बन गई
मुस्कान की इस कामयाबी की नींव सालों पहले इंड्स ग्लोबल स्कूल में पड़ गई थी। वहां आयोजित एक शिविर में शिरकत करने आईं एक महिला जज के संबोधन ने मुस्कान के मन में कानून के प्रति ऐसी अलख जगाई कि उन्होंने उसी पल इसे अपना जीवन लक्ष्य चुन लिया। पिता संजीव कुमार और माता आशा कुमारी के सहयोग से उन्होंने अपने इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए दिन-रात एक कर दिए।
शैक्षणिक सफर और उपलब्धियां
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) से वकालत की बारीकियां सीखीं। शिमला स्थित प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) घंडल से एलएलएम (LLM) की डिग्री प्राप्त की। अपने पहले ही प्रयास में यूजीसी नेट क्वालीफाई कर अब वह असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और शोध (PhD) करने के लिए पूरी तरह पात्र हो गई हैं।
भविष्य का रोडमैप: शोध और शिक्षण
अपनी इस जीत से मुस्कान बेहद उत्साहित हैं। वह अब किसी नामी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर कानून की गहराईयों को समझना चाहती हैं। उनका मुख्य उद्देश्य कानून के क्षेत्र में बेहतर शिक्षण और रिसर्च के जरिए समाज में अपना योगदान देना है।
क्षेत्रवासियों और परिजनों का साझा संदेश का कहना है कि "दृढ़ संकल्प और निरंतर अध्ययन ही सफलता की असली कुंजी है। मुस्कान की इस उपलब्धि ने न केवल नेहरा पंचायत, बल्कि पूरे गोहर उपमंडल का मान बढ़ाया है।"