Edited By Jyoti M, Updated: 06 Jan, 2026 09:36 AM

उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज उपमंडल सलूणी में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से संबंधित मुद्दों पर राष्ट्रीय सूचना केंद्र चम्बा में वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपमंडल सलूणी की भजोत्रा पंचायत के गांव मटवाड़ में बेसहारा...
चम्बा। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज उपमंडल सलूणी में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से संबंधित मुद्दों पर राष्ट्रीय सूचना केंद्र चम्बा में वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपमंडल सलूणी की भजोत्रा पंचायत के गांव मटवाड़ में बेसहारा बच्चों के मामले पर चर्चा की गई, जिनके पिता का निधन हो चुका है तथा माता द्वारा बच्चों को त्याग दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रशासन द्वारा बच्चों की सहायता के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। जिला बाल कल्याण समिति, चम्बा की संस्तुति पर मृतक के बच्चों के भूमि अधिकार सुरक्षित किए गए हैं तथा बच्चों के पिता स्व. जगीर सिंह की पैतृक भूमि का इंतकाल वैध वारिसों के पक्ष में दर्ज हो चुका है।
वर्तमान में भूमि पत्नी व बच्चों के संयुक्त नाम पर दर्ज है तथा किसी प्रकार का विस्थापन या कब्जा विवाद नहीं है। भूमि धारक होने के कारण बच्चे बिस्वा/भूमिहीन भूमि आवंटन योजना के पात्र नहीं हैं, जबकि निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर पीएम-किसान योजना के अंतर्गत आवेदन के पात्र हैं। इस संबंध में नायब तहसीलदार, तेलका को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि स्व. जगीर सिंह के परिवार के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच व निगरानी स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से की जा रही है तथा सभी बच्चे स्वस्थ हैं। आईसीडीएस के अंतर्गत विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत सभी पात्र सदस्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार निरंतर पोषण सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र बच्चे अथवा किशोरी को पोषण लाभ से वंचित न रखा जाए। उन्होंने बताया कि बच्चों को बाल देखभाल संस्थान साहू एवं चम्बा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
उपायुक्त ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिले के सभी उपमंडलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा बेसहारा बच्चों को सुख-आश्रय योजना एवं मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना से जोड़ा जाए। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा, सहायक आयुक्त अपराजिता चंदेल, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी कमल किशोर शर्मा, खंड विकास अधिकारी महेश चंद तथा ओएसडी उमाकांत आनंद सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।