सावधान! किचन की ये छोटी गलती पड़ सकती है भारी, जानें क्या है सही तरीका

Edited By Jyoti M, Updated: 24 Sep, 2025 12:51 PM

this small kitchen mistake can prove costly learn the right way

घरेलू रसोई में स्टील के बर्तन सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। ये टिकाऊ होते हैं और साफ़-सफ़ाई में आसान भी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिन्हें स्टील के बर्तनों में रखना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है? जी हाँ, ये...

हिमाचल डेस्क। घरेलू रसोई में स्टील के बर्तन सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। ये टिकाऊ होते हैं और साफ़-सफ़ाई में आसान भी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिन्हें स्टील के बर्तनों में रखना आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है? जी हाँ, ये बातें सुनकर आप चौंक सकते हैं, लेकिन ये सच है। आइए जानते हैं कि कौन सी चीज़ें स्टील के बर्तन में रखने से बचना चाहिए और क्यों।

अम्लीय और खट्टे पदार्थ

नींबू का रस, टमाटर का पेस्ट, और इमली जैसी खट्टी चीज़ें स्टील के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं। स्टील में मुख्य रूप से लोहा और निकल जैसी धातुएं होती हैं. जब इन खट्टे पदार्थों को लंबे समय तक स्टील के बर्तन में रखा जाता है, तो ये धातुएं भोजन में मिल सकती हैं. इससे न सिर्फ भोजन का स्वाद बदल जाता है, बल्कि यह सेहत के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इस प्रकार की प्रतिक्रिया से पेट में जलन, एसिडिटी और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे पदार्थों को कांच या सिरेमिक के कंटेनरों में ही स्टोर करें।

अचार और नमक

अचार और नमक में उच्च मात्रा में एसिड और नमक होता है। ये दोनों ही स्टील के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। अचार को स्टील के बर्तन में रखने से धातु के अंश अचार में मिल जाते हैं, जिससे उसका स्वाद खराब हो जाता है। इसी तरह, नमक को स्टील के कंटेनर में रखने से उसमें जंग लग सकती है। इसलिए, इन चीज़ों को भी कांच या सिरेमिक के जार में रखना सबसे अच्छा विकल्प है।

दही और छाछ

दही और छाछ में लैक्टिक एसिड होता है। अगर इन्हें स्टील के बर्तन में लंबे समय तक रखा जाए, तो यह एसिड धातु के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है, जिससे दही का स्वाद खट्टा हो जाता है और उसके गुण भी बदल जाते हैं। इस प्रकार की प्रतिक्रिया से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए, दही और छाछ को भी सिरेमिक या कांच के बर्तन में ही स्टोर करना चाहिए।

PunjabKesari

हल्दी वाला दूध

रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। लेकिन इसे बनाने या रखने के लिए स्टील के बर्तन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। हल्दी में मौजूद रासायनिक तत्व स्टील के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं, जिससे दूध का रंग और स्वाद बदल सकता है। यह स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए, हल्दी वाला दूध बनाने के लिए भी मिट्टी, कांच या सिरेमिक के बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए।

फलों का रस

नारियल पानी, संतरे का रस, और नींबू पानी जैसे ताजे फलों के रस में प्राकृतिक एसिड होते हैं। इन रसों को स्टील के गिलास या बोतल में रखने से भी धातु के अंश रस में मिल सकते हैं, जिससे इनका स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित होती है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए, फलों के रस के लिए भी कांच या सिरेमिक के बर्तन ही सबसे सुरक्षित होते हैं.

सुरक्षित विकल्प

इन सभी चीज़ों को स्टील के बजाय कांच, सिरेमिक, या मिट्टी के बर्तनों में स्टोर करना सबसे अच्छा और सुरक्षित विकल्प है। ये बर्तन रासायनिक रूप से निष्क्रिय होते हैं और किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं करते। इससे भोजन लंबे समय तक ताज़ा रहता है और उसका स्वाद और गुणवत्ता भी बनी रहती है। एक छोटा सा बदलाव, जैसे सही बर्तन का चुनाव, आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए बड़ा फ़ायदा ला सकता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!