Edited By Jyoti M, Updated: 23 Mar, 2026 01:02 PM

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित पार्वती घाटी के जां गांव पर भूस्खलन का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लगातार हो रही बारिश और नदी के कटाव के कारण ग्रामीण डरे हुए हैं।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित पार्वती घाटी के जां गांव पर भूस्खलन का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लगातार हो रही बारिश और नदी के कटाव के कारण ग्रामीण डरे हुए हैं।
जां गांव के लिए बढ़ता खतरा
जां गांव में करीब 50 परिवार रहते हैं। 2023 की भारी बाढ़ के बाद से पार्वती नदी ने गांव के निचले हिस्से की जमीन को काटना शुरू कर दिया था। अब हालात यह हैं कि भूस्खलन की दरारें गांव से महज 100 फीट की दूरी तक पहुंच गई हैं। यदि समय रहते नदी के किनारे सुरक्षा दीवार (तटीकरण) नहीं बनाई गई, तो पूरे गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
ग्रामीणों की चिंता जायज है क्योंकि उन्होंने हाल ही में पास के बागन गांव की तबाही देखी है। 2025 की बारिश में बागन गांव की जमीन खिसकने से 40 मकानों में दरारें आ गई थीं और भारी नुकसान हुआ था। जां गांव के लोगों को डर है कि अगर भूस्खलन नहीं रुका, तो उन्हें अपना घर छोड़कर कहीं और बसना पड़ेगा।
ग्रामीण इस मुद्दे को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के सामने रख चुके हैं, हालांकि अभी समाधान का इंतजार है। पूर्व उपप्रधान सेस राम के अनुसार, ग्रामीण जल्द ही बैठक करेंगे और इसके बाद कुल्लू के उपायुक्त (DC) से मुलाकात करेंगे।
नायब तहसीलदार (जरी) हेमराज शर्मा ने पुष्टि की है कि मामला उनके संज्ञान में है और इस पर ध्यान दिया जा रहा है।