Edited By Vijay, Updated: 04 Apr, 2026 06:38 PM

हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों की टैक्सियों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हिमाचल के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने एंट्री टैक्स की दरों में कटौती कर...
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों की टैक्सियों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हिमाचल के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने एंट्री टैक्स की दरों में कटौती कर दी है, लेकिन पंजाब के टैक्सी ऑप्रेटर इस टैक्स को पूरी तरह समाप्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर शनिवार को पंजाब के कीरतपुर के टैक्सी ऑपरेटरों ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर पंजाब की सीमा के अंदर दैहनी नामक स्थान पर चक्का जाम कर दिया। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह धरना-प्रदर्शन शाम 4 बजे तक लगातार जारी रहा। लगभग 6 घंटे तक चले इस चक्का जाम के कारण पंजाब, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से हिमाचल आने-जाने वाले हजारों वाहनों के पहिए थम गए और आम यात्रियों व पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
कैंचीमोड़ से स्वारघाट और नालागढ़ रूट पर डायवर्ट हुआ ट्रैफिक
चक्का जाम की पूर्व सूचना मिलते ही बिलासपुर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया था। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने बिलासपुर से पंजाब की ओर जाने वाले सभी यातायात को कैंचीमोड़ से स्वारघाट और नालागढ़ की तरफ डायवर्ट कर दिया। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन ने भी अपनी सभी बसों को पहले से तय किए गए इन वैकल्पिक मार्गों से ही उनके गंतव्य की ओर भेजा। हालांकि, एचआरटीसी और निजी वाहनों ने तो वैकल्पिक रास्ते अपना लिए, लेकिन भारी मालवाहक वाहनों और ट्रकों को इस चक्का जाम की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
धरने में शामिल हुए विधायक डॉ. जनक राज, सीएम पर साधा निशाना
इस धरना-प्रदर्शन में भरमौर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज शर्मा भी विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाया गया यह एंट्री टैक्स पूरी तरह से समाप्त होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से पंजाब के टैक्सी ऑप्रेटरों की मांगों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी ही कही बातों पर कायम नहीं रहते हैं, जिसका खमियाजा दोनों राज्यों के लोगों और पर्यटन व्यवसाय को भुगतना पड़ रहा है।
हिमाचली टैक्सी ऑप्रेटरों ने चक्का जाम और धरने से बनाई दूरी
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में बाहरी राज्यों से आने वाली टैक्सियों का एंट्री टैक्स 70 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए कर दिया था। इसके भारी विरोध के बाद सरकार ने इसे घटाकर 100 रुपए कर दिया है। इसके साथ ही, प्रदेश सरकार ने हिमाचल नंबर की टैक्सियों को इस एंट्री टैक्स में पूरी तरह से छूट प्रदान कर दी है। अपनी मांग पूरी होने के कारण हिमाचल प्रदेश के टैक्सी ऑप्रेटरों ने पंजाब के ऑप्रेटरों द्वारा किए गए इस चक्का जाम और धरने से दूरी बनाए रखी।
प्रशासन की सीमा पर पैनी नजर
यातायात व्यवस्था के संदर्भ में हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर के डिप्टी डीएम विवेक लखनपाल ने बताया कि यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बसों को वाया स्वारघाट और अन्य वैकल्पिक रास्तों से सुरक्षित निकाला गया। वहीं, बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर यातायात को सुचारू रखने के लिए कैंचीमोड़ से स्वारघाट होते हुए वाहनों को डायवर्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्रों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है।
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