Edited By Kuldeep, Updated: 28 Mar, 2026 07:46 PM

पिछले कुछ दिनों से शिमला के बाजारों और मंदिरों में किन्नर के भेष में घूमकर पैसे ऐंठने वाले एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था।
शिमला (संतोष): पिछले कुछ दिनों से शिमला के बाजारों और मंदिरों में किन्नर के भेष में घूमकर पैसे ऐंठने वाले एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिमला पुलिस ने त्वरित जांच की है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच के अनुसार वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कोई संदिग्ध अपराधी नहीं, बल्कि एक विदेशी छात्र है। व्यक्ति की पहचान इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बंगलादेश (राजशाही) का रहने वाला है। वह शिमला स्थित एपीजे यूनिवर्सिटी में बीजेएमसी का छात्र है और उसका शैक्षणिक सत्र 2024-2028 है। पुलिस ने उसके पासपोर्ट, स्टडी वीजा और अन्य पहचान पत्रों की जांच की है, जो पूरी तरह वैध पाए गए हैं।
किन्नर का भेष और मंदिरों में मौजूदगी का कारण
पूछताछ के दौरान छात्र ने बताया कि वह खुद को किन्नर समुदाय से जुड़ा हुआ मानता है और माता काली का अनन्य भक्त है। इसी आस्था के कारण वह कालीबाड़ी, जाखू मंदिर और नवरात्रों के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जाता रहता है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि वह व्यक्ति जबरन वसूली कर रहा है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी नागरिक द्वारा जबरन पैसे ऐंठने की कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। छात्र का कहना है कि यदि कोई स्वेच्छा से कुछ देता है तो वह उसे स्वीकार कर लेता है, लेकिन वह किसी पर दबाव नहीं बनाता।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा चिंताएं
इस मामले पर प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि कोई विदेशी नागरिक इस तरह भेष बदलकर मंदिरों में घूम रहा है तो इसकी गहन जांच होनी चाहिए क्योंकि यह सुरक्षा का विषय है। विधायक हरीश ने आश्वस्त किया है कि यदि वीजा नियमों का कोई भी उल्लंघन पाया गया तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
जांच अभी जारी
फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच में कोई आपराधिक गतिविधि या अवैध दस्तावेज नहीं पाए गए हैं। हालांकि, सुरक्षा और जनभावनाओं को देखते हुए जांच अभी भी जारी है।