Edited By Kuldeep, Updated: 17 Mar, 2026 04:50 PM

नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में इतिहास के प्रवक्ता की सेवाएं बर्खास्त की गई हैं। मामले की जांच के बाद विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं।
शिमला (प्रीति): नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में इतिहास के प्रवक्ता की सेवाएं बर्खास्त की गई हैं। मामले की जांच के बाद विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के कुल्लू जिले के सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल शांघढ़ में कक्षा 11वीं की एक नाबालिग छात्रा के साथ बीते 19 फरवरी को दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था और इसका आरोप स्कूल के शिक्षक पर लगा था। इसके बाद मामले की जिला स्तर पर जांच हुई जिसकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी गई। प्रारंभिक रिपोर्ट में स्कूल के इतिहास विषय के (अनुबंध) प्रवक्ता विपन कुमार पर लगे आरोप सही पाए गए। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग छात्रा का यौन उत्पीड़न किया और उसी कक्षा की दो अन्य नाबालिग छात्राओं का अपने निजी स्वार्थ के लिए शोषण किया। परिणामस्वरूप, उनके खिलाफ 21 फरवरी को पुलिस स्टेशन सैंज में एफआईआर दर्ज की गई है।
स्कूल की यौन उत्पीड़न समिति की जांच रिपोर्ट और 19, फरवरी 2026 को दर्ज किए गए लिखित बयानों से पता चलता है कि स्कूल के समय के दौरान, आरोपी ने तीन नाबालिग छात्राओं को अपने निजी कमरे में बुलाया और उन्हें खाना पकाने और कपड़े इस्त्री करने सहित घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया। आरोप है कि जब एक छात्रा उसके साथ अकेली थी, तो आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की और उसे चुप रहने के लिए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। आरोपी शिक्षक ने अपने लिखित बयान में पीड़िता को उसके अनुसूचित जाति (एससी) पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कपड़े इस्त्री करने का निर्देश देने की बात स्वीकार की है। जारी आदेशों में विभाग ने स्पष्ट किया है कि विपिन कुमार एक शिक्षक की गरिमा को बनाए रखने में विफल रहे हैं।
अनुबंध पर नियुक्त व्यक्ति की सेवाएं पूरी तरह से अस्थायी
शिक्षक का ऐसा आचरण उनके अनुबंध की शर्तों के खंड-3 का घोर उल्लंघन है और एक सरकारी कर्मचारी के लिए पूरी तरह से अशोभनीय है। अनुबंध नीति के नियमों और शर्तों के बिंदु संख्या 3 के अनुसार, अनुबंध पर नियुक्त व्यक्ति की सेवाएं पूरी तरह से अस्थायी हैं और यदि नियुक्त व्यक्ति का आचरण असंतोषजनक पाया जाता है तो उन्हें समाप्त किया जा सकता है। ऐसे में विभाग ने विपिन कुमार (प्रवक्ता) इतिहास को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त किया है।