Edited By Kuldeep, Updated: 20 Jan, 2026 09:16 PM

राज्य में 100 सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों के 2100 से अधिक पद भरे जाएंगे। इसमें 560 नियमित शिक्षक, 130 स्पैशल एजुकेटर, चौकीदार और स्वीपर के 130 और 390 मल्टीटास्क वर्कर शामिल हैं।
शिमला (प्रीति): राज्य में 100 सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों के 2100 से अधिक पद भरे जाएंगे। इसमें 560 नियमित शिक्षक, 130 स्पैशल एजुकेटर, चौकीदार और स्वीपर के 130 और 390 मल्टीटास्क वर्कर शामिल हैं। इसके अलावा सरकार इन स्कूलों के लिए योगा टीचर, काऊंसलर कम वैलनैस, इंग्लिश और गणित के प्रोफैशनल टीचर की नियुक्ति आऊटसोर्स पर करेगी। मंगलवार को प्रदेश सरकार ने सीबीएसई स्कूलों के लिए गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं। इसके तहत सीबीएसई संबद्धता के लिए अनुमोदित 130 सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई संबद्ध उत्कृष्टता विद्यालयों की योजना को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
साथ ही सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के लिए शिक्षकों के उप-कैडर के सृजन की उप-योजना के अंतर्गत 100 विद्यालयों में विभिन्न श्रेणियों के उक्त पद सृजित किए हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के कारण मूल कैडर में सृजित रिक्तियां या इन विद्यालयों में शेष रिक्तियाें को प्रशिक्षु के रूप में सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से निश्चित मानदेय के तहत 400 अंग्रेजी शिक्षकों और 400 गणित शिक्षकों की अस्थायी आधार पर 5 वर्ष की अवधि के लिए और 30,000 रुपए के निश्चित मासिक मानदेय पर नियुक्ति की जाएगी, जो प्रति वर्ष 10 महीनों के लिए देय होगा।
विभाग इन शिक्षकों द्वारा अंग्रेजी और गणित में छात्रों की दक्षता और अधिगम स्तर में सुधार के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार करेगा और यह पाठ्यक्रम इन विषयों के मौजूदा पाठ्यक्रम के अतिरिक्त होगा। विभाग इन शिक्षकों को छात्रों की संख्या के अनुसार इन 130 विद्यालयों में तैनात कर सकता है और आवश्यकतानुसार इन शिक्षकों को अन्य सरकारी विद्यालयों में भी नियुक्त किया जा सकता है। इसके साथ ही 390 अंशकालिक बहु-कार्यकारी कर्मचारियों की नियुक्ति भी इन 130 स्कूलों में की जाएगी। हर स्कूल में 3 को तैनाती दी जाएगी। योजना में निर्धारित संख्या के अनुसार गैर-शिक्षण कर्मचारियों की आवश्यकता, अर्थात क्लर्क, जेओए (आई.टी), वरिष्ठ सहायक, अधीक्षक ग्रेड-1 और 2, को विभाग के भीतर पदों के युक्तिकरण और स्थानांतरण द्वारा पदों के सृजन और भरने के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
स्कूलों में बच्चों को प्रवेश पहले आओ पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध सीटों पर मिलेगा
इस दौरान 100 स्कूलों में विद्यालयों में प्रत्येक कक्षा या श्रेणी में प्रवेश सामान्य तौर पर, प्रवेश पहले आओ पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध सीटों तक ही सीमित रहेगा। हालांकि, बालवाटिका तक प्रवेश स्तर के लिए संवाद, अवलोकन या साक्षात्कार के माध्यम से विद्यालय परीक्षा, कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के लिए मूलभूत साहित्यिक एवं संख्यात्मकता परीक्षा, कक्षा 6 से 10 तक के लिए पूर्व-कक्षाओं का ज्ञान परीक्षण और कक्षा 11 से 12 तक के लिए प्रवेश-सह-प्रवेश परीक्षा विद्यालय द्वारा आवश्यक समझे जाने पर आयोजित की जा सकती है।
सीबीएसई द्वारा निर्धारित किया जाएगा शिक्षा का माध्यम
शिक्षा का माध्यम सीबीएसई द्वारा निर्धारित किया जाएगा। हालांकि, शिक्षा का माध्यम धीरे-धीरे अंग्रेजी में बदल दिया जाएगा और शैक्षणिक सत्र 2031-32 के प्रारंभ तक, ऐसे सभी स्कूलों में शिक्षा केवल अंग्रेजी माध्यम में ही दी जाएगी। प्रधानाचार्य समय-समय पर शारीरिक फिटनैस और खेलों से संबंधित अधिगम परिणामों की समीक्षा और निगरानी भी करेंगे।
उप कैडर में ये शिक्षक होंगे शामिल
शिक्षण संकाय के उप-कैडर में प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य, स्नातकोत्तर शिक्षक (प्रवक्ता), डीपीई, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक, सी एंड वी, पीईटी और प्राथमिक शिक्षक यानी जेबीटी आदि शामिल होंगे, लेकिन इसमें उन अंग्रेजी और गणित शिक्षकों को शामिल नहीं किया जाएगा।
ऐसा होगा शिक्षकों का चयन
स्कूलों के उप-कैडर में चयन के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को सी.बी.एस.ई. से संबद्ध विद्यालयों में नियुक्ति के लिए वरीयता क्रम में विकल्प चुनना होगा। चयन लिखित परीक्षा और उसके बाद काऊंसलिंग के आधार पर किया जाएगा।