Edited By Kuldeep, Updated: 09 Feb, 2026 05:09 PM

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा है कि भारत-अमरीका व्यापार समझौते से भारती उद्योग व कृषि निर्यात को बड़ा लाभ होगा।
शिमला: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा है कि भारत-अमरीका व्यापार समझौते से भारती उद्योग व कृषि निर्यात को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था, निर्यात और घरेलू उद्योगों के लिए ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत को लगभग 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के विशाल बाजार में प्राथमिक (प्रेफरेंशियल) पहुंच मिली है। उन्होंने कहा कि यह समझौता संतुलित, भारत-हितैषी और किसान तथा एमएसएमई सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विपिन परमार ने शिमला से जारी बयान में कहा कि समझौते के तहत भारतीय टैक्सटाइल और अपैरल सैक्टर को बड़ी राहत मिली है, जहां पहले 50 फीसदी तक लगने वाले टैरिफ घटाकर लगभग 18 फीसदी कर दिए गए हैं। सिल्क उत्पादों को तो शून्य शुल्क (0 फीसदी ड्यूटी) पहुंच मिली है, जिससे 113 अरब डॉलर के अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
मशीनरी निर्यात पर भी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी किया गया है, जिससे 477 अरब डॉलर के बड़े बाजार में भारतीय निर्माताओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 1.36 अरब डॉलर के भारतीय कृषि निर्यात को अमेरिका में अतिरिक्त शुल्क से मुक्त पहुंच मिली है। मसाले, चाय, कॉफी, फल, मेवे और प्रोसेस्ड फूड जैसे प्रमुख उत्पादों को शून्य ड्यूटी ट्रीटमैंट दिया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि डेयरी, मांस, पोल्ट्री और अनाज जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है और इन पर कोई बाजार खुलापन नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत को बहुस्तरीय लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय एमएसएमई, कारीगर, टैक्सटाइल उद्योग, फूड प्रोसैसिंग और कृषि निर्यातकों के लिए नए द्वार खोलेगा तथा रोजगार और विदेशी मुद्रा आय दोनों में वृद्धि करेगा।