Edited By Kuldeep, Updated: 28 Nov, 2025 07:19 PM

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने विभिन्न शैक्षणिक विभागों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए नए सॉफ्टवेयरों की खरीद की है। कई आधुनिक व अपडेटेड सॉफ्टवेयर के अलावा विश्वविद्यालय उपकरण भी खरीदे हैं।
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने विभिन्न शैक्षणिक विभागों में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए नए सॉफ्टवेयरों की खरीद की है। कई आधुनिक व अपडेटेड सॉफ्टवेयर के अलावा विश्वविद्यालय उपकरण भी खरीदे हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस स्मार्ट असिस्टैंट डिवाइस भी शामिल हैं। इसके अलावा किबो-डब्ल्यू, डेजी प्लेयर ईवीओई-वीवी, एनवीडीए सॉफ्टवेयर, सारथी स्मार्ट असिस्टैंस एड तथा अन्य आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस टूल्स भी शामिल हैं। इनकी मदद से दिव्यांग विद्यार्थियों को डिजिटल सामग्री पढ़ने, समझने और शोध कार्य करने में सुविधा मिलेगी। अब इनके इस्तेमाल को लेकर दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए शुक्रवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
एच.पी.यू. में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से स्थापित अत्याधुनिक लैब में यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह लैब रुसा इक्वीटी फंड के अंतर्गत अपग्रेड की गई है, ताकि दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षण व शोध कार्य में अधिकतम सुविधा प्रदान की जा सके। नई लैब में उच्च गति इंटरनैट कनैक्टीविटी, लगातार बिजली आपूर्ति और 13 अपग्रेडिड कम्प्यूटर सिस्टम्स उपलब्ध करवाए गए हैं, ताकि छात्र ऑनलाइन लैक्चर्स और ई-रिसोर्सेज का सुगमता से उपयोग कर सकें। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों को इन सभी सॉफ्टवेयरों और उपकरणों का उपयोग करना सिखाया गया, जिससे वे तकनीक का अधिकतम लाभ उठा सकें।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट केन स्टिक भी विश्वविद्यालय ने उपलब्ध करवाई है। इसकी मदद से उन्हें सड़क पर चलने और दैनिक गतिविधियों में सहायता प्रदान करवाई जाएगी। नए उपकरणों का उपयोग कर छात्र उत्साहित नजर आए और उन्होंने इस पहल की सराहना की। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा दिव्यांग विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत रहेगा और भविष्य में भी उनके कल्याण के लिए और अधिक सुविधाएं व योजनाएं लागू की जाएंगी। इस मौके पर डीन स्टूडैंट्स वैल्फेयर प्रो. ममता मोक्टा, नोडल ऑफिसर प्रो. धीरेंद्र शर्मा और लाइब्रेरी इंचार्ज डा. महेंद्र ठाकुर, जिन्होंने इस हाई-टैक लैब की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उपस्थित रहे।