Edited By Kuldeep, Updated: 03 Feb, 2026 10:56 PM

केंद्र सरकार के भरपूर सहयोग के बाद भी हिमाचल में रेलवे के कामों में प्रदेश सरकार अड़ंगा लगा रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को शिमला से जारी बयान में यह आरोप लगाया है।
शिमला (ब्यूरो): केंद्र सरकार के भरपूर सहयोग के बाद भी हिमाचल में रेलवे के कामों में प्रदेश सरकार अड़ंगा लगा रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को शिमला से जारी बयान में यह आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि सुक्खू सरकार की लापरवाही की वजह से हिमाचल में रेलवे की परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। सरकार हिमाचल के रेल नैटवर्क विस्तारीकरण में अपने हिस्से के काम में सहयोग नहीं कर रही है, जिससे प्रदेश की आर्थिकी और रेल मार्ग संपर्क को नए आयाम देने वाली रेल परियोजनाएं लटकी हुई हैं और समय बढ़ने के साथ ही उन परियोजनाओं की लागत में भी वृद्धि होती जा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह है कि अपना राजनीतिक विद्वेष छोड़कर प्रदेश में चल रही रेल परियोजनाओं में पूर्व निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार काम करें, ताकि हिमाचल में बेहतर रेल कनैक्टीविटी का सपना साकार हो सके। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल में रेलवे के विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 2911 करोड़ रुपए का बजट जारी करने पर प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वर्ष दर वर्ष रेलवे बजट में बढ़ौतरी हिमाचल में रेल कनैक्टीविटी बेहतर करने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
गत वर्ष के मुकाबले यह बजट लगभग 200 करोड़ रुपए अधिक है। इस बार हिमाचल को दिया गया रेलवे बजट यू.पी.ए. सरकार के मुकाबले 27 गुना अधिक है। जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनाव पर सरकार की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी अभी तक 12 में से 10 जिलों में मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं हो पाया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकार भले ही पंचायत चुनाव करने को राजी हो गई है लेकिन सरकार द्वारा जानबूझकर चुनाव की प्रक्रिया में देरी की जा रही है।
न्यायालय के आदेश और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद भी पंचायत चुनाव मतदाता सूची का प्रकाशन न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और पंचायत चुनाव में देरी कर प्रदेशवासियों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का यह प्रयास मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं या उनके अधीनस्थ अधिकारी? उन्होंने कहा है कि इसका जवाब भी मुख्यमंत्री को देना चाहिए। साथ ही कहा है कि सरकार और प्रशासन द्वारा पंचायत चुनाव की प्रक्रियाओं में इस देरी के पीछे मुख्यमंत्री की वह टिप्पणी भी है, जो उन्होंने न्यायालय के फैसले पर की थी।
प्रधानमंत्री की कूटनीतिक सफलता
जयराम ठाकुर ने अमरीका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को कम करने के फैसले की जमकर सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक सफलता बताई है। उन्होंने कहा कि भारत-अमरीका आर्थिक सांझेदारी के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा है कि यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि मेड इन इंडिया उत्पादों पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। यह कदम भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा और निर्यात को गति देगा।