शिमला फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी लैक्‍चरार को सुनाई कठोर सजा

Edited By Vijay, Updated: 02 May, 2026 04:09 PM

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जिला शिमला की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामले में एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने एक लैक्चरार को नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार देते हुए 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

शिमला (राजेश): जिला शिमला की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामले में एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने एक लैक्चरार को नाबालिग छात्रा से यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार देते हुए 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार थाना सुन्नी में 6 नवम्बर, 2024 को भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। आरोपी की पहचान जय प्रकाश उर्फ जेपी (46) निवासी गांव करयाली, तहसील सुन्नी व जिला शिमला के रूप में हुई है। घटना के समय आरोपी एक सरकारी स्कूल में प्रवक्ता (लैक्चरार) के पद पर कार्यरत था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने जांच को बेहद संवेदनशीलता और पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में ठोस साक्ष्य जुटाकर अदालत में पेश किए, जिसके आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाया और उसे कठोर सजा सुनाई।

जिला शिमला पुलिस ने इस मामले में पीड़िता की पहचान और उसकी गरिमा की गोपनीयता बनाए रखने का विशेष ध्यान रखा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त और संवेदनशील कार्रवाई जारी रहेगी।

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