Edited By Kuldeep, Updated: 17 Nov, 2025 04:23 PM

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध एक बहुत बड़ा आन्दोलन शुरू किया गया है।
पालमपुर(भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध एक बहुत बड़ा आन्दोलन शुरू किया गया है। शिमला के रिज मैदान पर एक बहुत प्रभावशाली कार्यक्रम किया गया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश को पूरी तरह नशा मुक्त करने की प्रतिज्ञा की। शांता कुमार ने कहा कि वह इस अत्यन्त महत्वपूर्ण निर्णय के लिए हिमाचल सरकार को बहुत-बहुत बधाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि नशा और चिट्टा नई पीढ़ी को बुरी तरह से बर्बाद कर रहा है। इसके व्यापारी लाखों-करोड़ों कमा कर देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने का काम कर रहे हैं। आज के समय में हिमाचल प्रदेश में यह सबसे भयंकर संकट है। उन्होंने कहा कि यह संकट बहुत गहरा है। सरकार के इतने कार्यक्रम से ही यह नष्ट नहीं होगा।
शांता कुमार ने दिए सुझाव
शांता कुमार ने कहा कि वह कुछ सुझाव देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इसे जन आन्दोलन बनाना चाहते हैं। मेरा सुझाव है कि इसमें सभी विपक्षी दलों और सभी सामाजिक संस्थाओं को साथ लिया जाए, नहीं तो यह केवल सरकारी आन्दोलन रह जाएगा। शांता कुमार ने कहा कि कानून हत्यारे को फांसी दे सकता है पर अच्छा काम करने का संस्कार नहीं दे सकता। सबसे बड़ी जरूरत युवा पीढ़ी को संस्कार देने की और समझाने की है। इसलिए एक निश्चित कार्यक्रम की आवश्यकता है। हिमाचल प्रदेश में कुल 4,500 सरकारी और निजी हाई और हायर सैकेंडरी स्कूल हैं। लगभग 200 प्राइवेट और सरकारी कालेज हैं। इन सब शिक्षा संस्थानों में लगभग 10 लाख युवा पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा सुझाव है कि प्रति सप्ताह एक और महीने में 4 बार प्रातःकाल की प्रार्थना सभा के समय नशे के विरुद्ध एक प्रभावशाली भाषण दिया जाए। 2 बार अध्यापकों और 2 बार विद्यार्थियों का भाषण हो। हिमाचल का पूरा समाज और सरकार मिलकर इसे सफल बनाए तो हिमाचल पूरे देश के सामने एक उदाहरण उपस्थित करेगा। विभाग के विद्वान बैठ कर विस्तृत कार्यक्रम बनाएं। प्रति सप्ताह एक और महीने में 4 कार्यक्रम किए जा सकते हैं।