Edited By Vijay, Updated: 02 Jan, 2026 05:43 PM

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। अब योजना के तहत लाभ प्राप्त करने और भविष्य में कृषि संबंधित अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर...
धर्मशाला (ब्यूराे): प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। अब योजना के तहत लाभ प्राप्त करने और भविष्य में कृषि संबंधित अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह जानकारी कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने दी है। उन्हाेंने बताया कि इस पोर्टल पर पंजीकरण करने वाले किसानों को एक विशेष पहचान नंबर (यूनिक आईडी) जारी किया जाएगा। भविष्य में सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कृषि योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके पास यह विशेष पहचान नंबर होगा।
लोकमित्र केंद्रों में नि:शुल्क होगा पंजीकरण
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसान यह पंजीकरण अपने नजदीकी किसी भी लोकमित्र केंद्र में जाकर करवा सकते हैं। किसानों के लिए यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है। पंजीकरण की लागत सरकार वहन कर रही है और प्रत्येक सफल पंजीकरण के लिए सरकार द्वारा लोकमित्र केंद्र को 12 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, जो किसान तकनीक के जानकार हैं, वे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भी एग्रीस्टैक पोर्टल पर खुद पंजीकरण कर सकते हैं।
पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज
पंजीकरण के लिए किसानों को लोकमित्र केंद्र पर आधार कार्ड, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन और जमीन के किसी भी एक भाग का जमाबंदी/ततीमा या खसरा नंबर लेकर जाना हाेगा।
एक खसरा नंबर से लिंक होगी पूरी जमीन
किसानों की सुविधा के लिए पोर्टल को हाईटेक बनाया गया है। उपायुक्त ने बताया कि किसानों को अपनी सभी जमीनों के दस्तावेज ले जाने की आवश्यकता नहीं है। जैसे ही पोर्टल पर किसान की किसी एक जमीन का खसरा नंबर दर्ज किया जाएगा, उस किसान के नाम पर दर्ज अन्य सभी जगहों की जमीन का विवरण पोर्टल पर अपने आप आ जाएगा। पंजीकरण के लिए https://hpfr.agristack.gov.in/farmer®istry&hp/#/ का उपयोग किया जा सकता है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने राजस्व विभाग के ग्रामीण स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को उनकी जमीन का खाता/खतौनी नंबर उपलब्ध करवाएं और पोर्टल पर एंट्री होने के बाद उसे तुरंत मंजूरी दें, साथ ही लोकमित्र केंद्र संचालकों को भी पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी किसान को पंजीकरण में कोई समस्या आती है तो वे कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।