डीसी ऑफिस के बाहर गरजी SFI, 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम के अनुसार हों आगामी परीक्षाएं

Edited By Vijay, Updated: 06 Mar, 2021 12:08 AM

sfi protest outside the dc office

प्रदेश भर में विभिन्न कालेज प्रशासन द्वारा छात्रों से मनमानी ढंग से पीटीए फंड लिया जा रहा है। पिछले एक साल से कालेज कैंपस बंद थे और सभी कक्षाएं ऑनलाइन लगी हैं फिर भी कालेज प्रशासन छात्रों से पीटीए फंड क्यों ले रहा है। यह बात एसएफआई के राज्य इकाई...

शिमला (योगराज/अम्बादत): प्रदेश भर में विभिन्न कालेज प्रशासन द्वारा छात्रों से मनमानी ढंग से पीटीए फंड लिया जा रहा है। पिछले एक साल से कालेज कैंपस बंद थे और सभी कक्षाएं ऑनलाइन लगी हैं फिर भी कालेज प्रशासन छात्रों से पीटीए फंड क्यों ले रहा है। यह बात एसएफआई के राज्य इकाई सचिव अमित ठाकुर ने जिलाधीश कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन के दौरान कही है। उन्होंने कहा कि सरकार व कालेज प्रशासन छात्रों को सरेआम लूटने का काम कर रही है। जब कोविड-19 व लॉकडाऊन की वजह से क्लासें लगी ही नहीं तो पीटीए फंड क्यों लिया जा रहा है।

सरकार के पास साल में एकत्रित होता है 9 करोड़ के करीब फंड

उन्होंने कहा कि राज्य कमेटी द्वारा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त की गई जानकारी से ज्ञात हुआ है कि हिमाचल प्रदेश में कुल 138 सरकारी महाविद्यालयों में 2 लाख 14 हजार के करीब छात्र अध्ययन कर रहे हैं जिनसे सालाना औसतन 450 के करीब पीटीए फंड लिया जाता है, जोकि साल में 9 करोड़ के करीब सरकार के पास एकत्रित होता है लेकिन यह कहां खर्च हो रहा है उसकी सूचना न तो सरकार दे रही है न ही प्रशासन देने को तैयार है। पीटीए के नाम भारी वसूली न की जाए और पीटीए के आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। इसके अलावा एसएफआई ने धरना-प्रदर्शन के दौरान सरकार से मांग की है कि आगामी परीक्षाओं के अंदर 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं करवाई जाएं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। शिमला शहरी इकाई अध्यक्ष सन्नी सेक्टा ने कहा कि जब से केंद्र के अंदर और राज्य के अंदर भाजपा की सरकार आई है उस समय से लेकर लगातार शिक्षा को निजी हाथों में देने का काम भाजपा सरकार ने किया है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय में हो रही शिक्षकों की भर्तियों पर सवाल

राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में हो रही शिक्षकों की भर्तियों पर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि केंद्र व प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय में अपने चहेतों को भर्ती कर रही है। यूजीसी के नियम व निर्देशों को दरकिनार करके आयोग्य लोगों को भर्ती कर रहे हैं, जोकि शिक्षा की गुणवत्ता व छात्रों के भविष्य के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ है।

विवि व काॅलेजों में भी किया प्रदर्शन

एसएफआई ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विवि के गेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से एसएफआई के कार्यकत्र्ताओं ने सभी विद्याॢथयों के लिए विवि खोलने और विवि के बजट वृद्धि करने की मांग उठाई। इसके अलावा प्रदर्शन के माध्यम कई अन्य मांगों को भी उठाया गया। उधर, काॅलेजों में इन्हीं मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया।

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