Edited By Vijay, Updated: 01 Jan, 2026 01:35 PM

नए साल 2026 का आगाज जिला ऊना के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। पिछले 2 महीनों (नवम्बर और दिसम्बर) से आसमान की ओर टकटकी लगाए देख रहे किसानों और आम जनता के लिए वीरवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया।
ऊना (अमित/सुरेंद्र): नए साल 2026 का आगाज जिला ऊना के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। पिछले 2 महीनों (नवम्बर और दिसम्बर) से आसमान की ओर टकटकी लगाए देख रहे किसानों और आम जनता के लिए वीरवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। नए साल के पहले दिन हुई इस बारिश ने न केवल जिले में गहराते सूखे के संकट को टाल दिया है, बल्कि मुरझाती फसलों में नई जान फूंक दी है।
लंबे समय से बारिश न होने के कारण जिला ऊना में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए थे। विशेषकर गैर-सिंचित क्षेत्रों में रबी की फसलों, खासकर गेहूं की बढ़वार नमी की कमी के कारण रुक गई थी। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो रही थीं, क्योंकि जमीन की नमी तेजी से खत्म हो रही थी। लेकिन वीरवार को हुई झमाझम बारिश ने इस चिंता को खुशी में बदल दिया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश रबी फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। इससे पैदावार में बंपर सुधार की उम्मीद जगी है।
खेती-किसानी के अलावा, यह बारिश आम लोगों की सेहत के लिए भी वरदान साबित हुई है। पिछले काफी समय से चल रही सूखी ठंड के कारण जिले में खांसी, जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा था। अब बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से धूल और प्रदूषण का असर कम होगा, जिससे इन बीमारियों पर लगाम लगेगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बारिश के बाद ठंड में इजाफा होना तय है, लेकिन यह ठंड सूखी सर्दी की तरह जानलेवा या बीमारी बढ़ाने वाली नहीं होगी। कुल मिलाकर साल 2026 की यह पहली बारिश ऊना जिले के लिए खुशहाली और राहत का पैगाम लेकर आई है।