Mandi:किरतपुर-सुंदरनगर-नागचला फोरलेन पर लगाए क्यूआर कोड स्कैनर, एक क्लिक में मिलेगी पूरी जानकारी

Edited By Kuldeep, Updated: 17 Nov, 2025 04:51 PM

qr code scanners installed on the kiratpur sundernagar nagchala four lane compl

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा हाल ही में की गई घोषणा जिसमें देश के हर हाईवे पर उसकी प्रोजैक्ट रिपोर्ट की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर तेजी से अमल शुरू हो गया है। इसी पहल के तहत नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने...

सुंदरनगर (सोढी): केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा हाल ही में की गई घोषणा जिसमें देश के हर हाईवे पर उसकी प्रोजैक्ट रिपोर्ट की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर तेजी से अमल शुरू हो गया है। इसी पहल के तहत नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने किरतपुर-सुंदरनगर-नागचला फोरलेन पर अनेक स्थानों पर क्यूआर कोड स्कैनर स्थापित कर दिए हैं। यह तकनीक क्षेत्र के आम लोगों, वाहन चालकों, पर्यटकों और सड़क उपयोगकर्त्ताओं के लिए एक बेहद उपयोगी व्यवस्था साबित होने जा रही है।

हाईवे के किनारे लगे इन क्यूआर कोड को स्कैन करते ही मोबाइल पर प्रोजैक्ट से जुड़ी हर जानकारी खुल जाएगी। इसमें निर्माण कंपनी/ठेकेदार का नाम, कुल प्रोजैक्ट लागत, कार्य पूर्ण होने की समयावधि, मैंटीनैंस और वारंटी अवधि, सड़क की गुणवत्ता एवं निर्माण मानकों से संबंधित विवरण, कार्य में देरी या बदलाव का कारण, समस्या आने पर संपर्क करने को अधिकृत अधिकारी के साथ-साथ यह भी स्पष्ट रूप से दिखेगा कि किरतपुर-सुंदरनगर-नागचला तक बने फोरलेन की मैंटीनैंस गारंटी ठेकेदार के पास कब तक है। इसके अलावा लोगों को यह जानकारी रहेगी कि सड़क पर किसी भी क्षति, धंसाव या मुरम्मत की जिम्मेदारी किसकी और कब तक है।

आपातकालीन और सुविधाओं की जानकारी

एनएचएआई द्वारा लगाए क्यूआर कोड स्कैन करते ही यात्रियों को आपातकालीन समय पर और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी की भी वास्तविक लोकेशन और दूरी का भी पूरा ब्यौरा मिलेगा। इसमें हाईवे, पैट्रोल, मोबाइल नंबर, टोल मैनेजर, प्रोजैक्ट मैनेजर और रैजीडैंट इंजीनियर के मोबाइल नंबर, राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर, नजदीकी अस्पतालों की सूची व नम्बर, मैडीकल स्टोर, पैट्रोल पंप लोकेशन, पुलिस स्टेशन और हैल्पलाइन नंबर, टोल प्लाजा की दूरी, निकटवर्ती रेस्तरां लोकेशन, रैस्ट एरिया, साइड एमेनिटीज, ट्रक ले-बाय, टॉयलेट सुविधाएं, ई-चार्जिंग स्टेशन/व्हीकल सर्विस प्वाइंट, टायर पंचर रिपेयर शॉप और नजदीकी शहर व कस्बा बारे भी पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इन लोकेशन आधारित सुविधाओं से यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी की स्थिति में तुरंत मदद मिल सकती है। यह व्यवस्था हाईवे सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जा रही।

शिकायत प्रक्रिया भी हुई आसान

पहले निर्माण संबंधी समस्याओं की शिकायत करने में लोगों को दिक्कत आती थी। किससे संपर्क करें, कौन सा ठेकेदार जिम्मेदार है और कितने समय तक मैंटीनैंस उसकी जिम्मेदारी में है, पहले यह सब पता लगाना मुश्किल होता था। अब क्यूआर कोड स्कैन करते ही शिकायत का सीधा लिंक और संबंधित अधिकारी का नंबर स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगा। इससे हाईवे पर होने वाली प्रत्येक समस्या का समाधान तेज और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।

वरुण चारी, परियोजना प्रबंधक एनएचएआई ने कहा यह पहल सिर्फ हिमाचल ही नहीं, बल्कि पूरे देश में लागू की जा रही है। हर हाईवे पर क्यूआर कोड लगाने का लक्ष्य है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जा सके। इसका उद्देश्य है प्रोजैक्ट जनता की नजर में हमेशा खुली किताब की तरह रहे।

 

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