कोर्ट का बड़ा फैसला, सड़क हादसे में बेटे की मौत पर मां को मिलेंगे ₹15.76 लाख; जानिए कौन करेगा मुआवजा का भुगतान

Edited By Vijay, Updated: 28 Feb, 2026 10:31 PM

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सुंदरनगर स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने एक सड़क दुर्घटना मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पीड़ित मां को न्याय दिया है। अदालत ने वाहन मालिक को आदेश दिया है....

मंडी (रजनीश): सुंदरनगर स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने एक सड़क दुर्घटना मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पीड़ित मां को न्याय दिया है। अदालत ने वाहन मालिक को आदेश दिया है कि वह हादसे में जान गंवाने वाले 24 वर्षीय युवक की मां को 15,76,400 रुपए का मुआवजा 6 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे। हालांकि, इस फैसले में वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी सबक वाली बात भी सामने आई है, क्योंकि कोर्ट ने बीमा कंपनी को मुआवजा देने की जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त कर दिया है।

300 मीटर गहरी खाई में समा गई थी जिंदगी
हादसे की यह घटना 18 मार्च, 2023 की है। 24 वर्षीय बहादुर सिंह एक महिंद्रा पिकअप में सवार होकर जा रहा था। चलौणी के पास पहुंचते ही चालक राजेश कुमार की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क से करीब 300 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में बहादुर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी।

मृतक की मां ने 1 करोड़ रुपए के मुआवजे की लगाई थी गुहार 
मृतक की मां कमला देवी ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए 1 करोड़ रुपए के मुआवजे की गुहार लगाई थी। याचिका में दावा किया गया था कि उनके बेटे की मासिक आय 25,000 रुपए थी। हालांकि, अदालत में आय से जुड़े पुख्ता सबूत पेश न होने के कारण कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के न्यूनतम वेतन नियमों को आधार बनाया और उसी हिसाब से मुआवजे की राशि 15.76 लाख रुपए तय की।

...तो इसलिए बच गई बीमा कंपनी
इस केस में सबसे बड़ा कानूनी पेंच तब फंसा जब बात मुआवजे के भुगतान की आई। अदालत ने पाया कि दुर्घटनाग्रस्त महिंद्रा पिकअप एक माल वाहक वाहन था। मृतक बहादुर सिंह उसमें एक अनाधिकृत यात्री  के रूप में सफर कर रहा था। अदालत ने स्पष्ट किया कि माल ढोने वाली गाड़ी में सवारी बैठाना बीमा पॉलिसी के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसी आधार पर कोर्ट ने बीमा कंपनी को भुगतान से बरी कर दिया। अब मुआवजे की पूरी राशि वाहन मालिक सह चालक को अपनी जेब से देनी होगी।

आधा पैसा एफडी में, आधा नकद देने के आदेश
बुज़ुर्ग मां के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अदालत ने भुगतान का तरीका भी तय किया है। आदेश के अनुसार मुआवजे की कुल राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा कमला देवी के नाम पर किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में फिक्स डिपॉजिट (एफडी) के रूप में जमा किया जाएगा, ताकि उन्हें ब्याज मिलता रहे। वहीं, शेष राशि उन्हें नकद प्रदान की जाएगी।

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