Edited By Vijay, Updated: 07 Mar, 2026 04:38 PM

हिमाचल प्रदेश के युवाओं का सेना के प्रति जज्बा एक बार फिर धरातल पर दिखा है। जिला बिलासपुर के झंडूता तहसील के भटेड़ फला गांव के अनुराग चंदेल ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर प्रदेश और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है।
मंडी (रजनीश): हिमाचल प्रदेश के युवाओं का सेना के प्रति जज्बा एक बार फिर धरातल पर दिखा है। जिला बिलासपुर के झंडूता तहसील के भटेड़ फला गांव के अनुराग चंदेल ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर प्रदेश और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। अनुराग ने कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पासिंग आऊट परेड में हिस्सा लिया और विधिवत रूप से सेना का हिस्सा बन गए।
माता-पिता पुलिस विभाग में दे रहे सेवाएं
अनुराग चंदेल का परिवार पहले से ही जनसेवा और अनुशासन से जुड़ा हुआ है। उनके माता और पिता दोनों ही हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। माता पदमा चंदेल, जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंडी में निरीक्षक/हैड क्लर्क के पद पर तैनात हैं जबकि पिता आनंद किशोर चंदेल, जो वर्तमान में जिला मंडी में ही सीआईडी यूनिट प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। माता-पिता ने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि उनका बेटा अब सरहद पर देश की रक्षा करेगा।
सैनिक स्कूल से शुरू हुआ सफर
अनुराग की प्रारंभिक शिक्षा मंडी के एक निजी स्कूल से हुई। बचपन से ही अनुशासित माहौल में पले-बढ़े अनुराग ने इसके बाद सैनिक स्कूल में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए वे चंडीगढ़ गए और एसडी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई शुरू की, लेकिन उनका लक्ष्य देश सेवा था।
सीडीएस परीक्षा में मिली सफलता
अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर अनुराग ने पिछले साल कम्बाइंड डिफैंस सर्विसेज (सीडीएस) की परीक्षा उत्तीर्ण की। एक साल के कड़े सैन्य प्रशिक्षण के बाद वह पासआऊट होकर सेना में अधिकारी बन गए हैं।
ऐतिहासिक 96 फील्ड रैजीमैंट में देंगे सेवाएं
लैफ्टिनैंट अनुराग चंदेल को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 96 फील्ड रैजीमैंट में तैनाती मिली है। यह वही रैजीमैंट है, जिसने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना को विजय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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