Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Apr, 2026 10:33 AM

Shimla News : भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हिमाचल प्रदेश इकाई ने शुक्रवार को सोलन की चेस्टर हिल आवास परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने 31 मार्च को संवाददाता...
Shimla News : भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हिमाचल प्रदेश इकाई ने शुक्रवार को सोलन की चेस्टर हिल आवास परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने 31 मार्च को संवाददाता सम्मेलन में सोलन में चेस्टर हिल आवास परियोजना से जुड़े आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
परियोजना में भूमि कानूनों का उल्लंघन होने संबंधी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दावे और राज्य में बेनामी भूमि सौदों समेत कथित भूमि माफिया गतिविधियों की विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच की मांग के एक दिन बाद, गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही थी। राज्य भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने शुक्रवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि पार्टी चेस्टर हिल आवास परियोजना में हुए उल्लंघनों की उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश द्वारा उच्च स्तरीय जांच की मांग करती है। उन्होंने कहा, ''जब अधिकारी खुद आरोपों को सही ठहराने के लिए आगे आते हैं और सरकार चुप रहती है, तो यह दर्शाता है कि न केवल कुछ, बल्कि सब कुछ गलत है।'' शर्मा ने आरोप लगाया, ''ऐसा माना जा रहा है कि सरकार न केवल भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दे रही है, बल्कि उन्हें कार्यकाल विस्तार और आकर्षक पदों की पेशकश करके पुरस्कृत भी कर रही है।''
संवाददाता सम्मेलन में गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताते हुए पूर्व मुख्य सचिवों से जुड़ी "अनियमितताओं" की ओर इशारा किया था। हिमाचल प्रदेश काश्तकारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए, वामपंथी नेताओं ने कहा है कि मुख्य सचिव को उनके पद से हटाए बिना निष्पक्ष जांच असंभव है। धारा 118 गैर-हिमाचली लोगों के बिना पूर्व अनुमति के भूमि की खरीद पर रोक लगाती है। भाजपा प्रवक्ता ने यात्री वाहनों पर लगने वाले प्रवेश शुल्क का मुद्दा भी उठाया, जिसके कारण हाल में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। शर्मा ने कहा, ''हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले पांच सीट वाले वाहनों पर 100 रुपये का प्रवेश शुल्क लगाकर सरकार ने सीधे तौर पर आम आदमी को निशाना बनाया है।''