Edited By Vijay, Updated: 22 Mar, 2026 07:23 PM

हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट को दिशाहीन, विकास हीन और पैंशनर्ज विरोधी करार दिया है।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट को दिशाहीन, विकास हीन और पैंशनर्ज विरोधी करार दिया है। समिति ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट में करीब 4 हजार करोड़ रुपए की कटौती की गई है, जो सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का सीधा प्रमाण है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि चौथे वर्ष के बजट में भी 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों की करोड़ों रुपए की देनदारियों को लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया। संशोधित ग्रैच्युटी, कम्यूटेशन और छुट्टी नकदीकरण जैसे लंबित भुगतान न करना पैंशनर्ज के साथ अन्याय है, जबकि जनवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को छठे वेतनमान के लाभ दिए जा रहे हैं। इसे सरकार का दोहरा मापदंड बताया गया।
महंगाई भत्ता, बकाया एरियर और लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए बजट में नहीं प्रावधान
संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इंद्र पॉल शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा और मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी ने रविवार को शिमला से जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि 13 प्रतिशत महंगाई भत्ता, 44 महीने के बकाया एरियर और लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। केवल क्लास-4 कर्मचारियों की बकाया राशि का जिक्र किया गया है, लेकिन उसके भुगतान को लेकर भी कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं दी गई। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे में समिति 18 संगठनों के साथ विचार-विमर्श के बाद कोई विकल्प न बचने पर अब 30 मार्च को शिमला में राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बीते 28 नवम्बर को धर्मशाला में विधानसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पैंशनर्ज ने ये मांगें दोहराईं
हिमाचल पथ परिवहन के पैंशनर्ज को 70 वर्ष की आयु पूरी करने पर एरियर, 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता और 50 हजार रुपए की पहली किस्त का भुगतान तुरंत किया जाए। बिजली बोर्ड में ओपीएस की बहाली, शहरी निकाय पैंशनर्ज को संशोधित वेतनमान के आधार पर पैंशन, 2016 से 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके देय वित्तीय लाभ, 13 प्रतिशत महंगाई भत्ता, 44 महीने का एरियर और मेडिकल बिलों के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया जाए।
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