हिमाचल विधानसभा में विपक्ष का हल्ला बोल, CM सुक्खू खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

Edited By Jyoti M, Updated: 19 Mar, 2026 12:17 PM

privilege motion notice against cm sukhu

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होते ही 'सफेद झूठ' और 'तथ्यों की बाजीगरी' को लेकर महाभारत छिड़ गई है। आमतौर पर बजट सत्र आंकड़ों का खेल होता है, लेकिन इस बार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होते ही 'सफेद झूठ' और 'तथ्यों की बाजीगरी' को लेकर महाभारत छिड़ गई है। आमतौर पर बजट सत्र आंकड़ों का खेल होता है, लेकिन इस बार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की घेराबंदी के लिए सीधे उनके संवैधानिक आचरण पर ही सवाल उठा दिया है। भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह सरकार को केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि 'सत्यता' की कसौटी पर भी घेरेगी।

तथ्यों पर तकरार: क्या दावों की हवा निकल गई?

विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को नियम-75 के तहत विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) का नोटिस सौंपा। भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री पिछले तीन सालों से सदन के भीतर और बाहर ऐसी जानकारी दे रहे हैं जो हकीकत से कोसों दूर है। जयराम ठाकुर ने सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को 'आंकड़ों का मायाजाल' करार देते हुए कई विसंगतियां गिनाईं। 

महिलाओं को मिलने वाले 1500 रुपये के बजट और लाभार्थियों की संख्या में मेल न होने का दावा किया गया। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने भुगतान की अवधि और बजट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर तंज कसते हुए विपक्ष ने कहा कि हजारों बच्चों में से मुट्ठी भर को ही शैक्षिक भ्रमण का लाभ मिला। वहीं, गोबर खरीद योजना को एक 'मजाक' बताते हुए कहा कि किसानों को साल भर में जो राशि मिली, वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

केंद्र की मदद और राज्य का 'प्रोपेगेंडा'

भाजपा ने सुक्खू सरकार के उस नैरेटिव को भी चुनौती दी है जिसमें केंद्र पर अनदेखी का आरोप लगाया जाता है। जयराम ठाकुर ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 89 हजार करोड़ रुपये की बड़ी राशि दी है, जो पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के मुकाबले लगभग पांच गुना ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र पर दोष मढ़ रही है।

होर्डिंग्स की चमक बनाम जमीन की धूल

सदन के बाहर प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने वर्तमान सरकार को "विज्ञापनों की सरकार" करार दिया। जयराम ठाकुर ने अपनी सरकार की 'हिम केयर' और 'गृहिणी सुविधा' जैसी पुरानी योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि उन योजनाओं का लाभ सीधे लाखों लोगों तक पहुँचता था, जबकि वर्तमान सरकार केवल बड़े-बड़े होर्डिंग्स तक ही सीमित रह गई है।

"जब संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है, तो यह लोकतंत्र और सदन की मर्यादा का अपमान है। हम मुख्यमंत्री के हर उस बयान का पर्दाफाश करेंगे जो जनता को गुमराह करने के लिए दिया गया है।"
— जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष

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