Edited By Vijay, Updated: 20 Mar, 2026 10:28 PM

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविदंर सिंह सुक्खू ने औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है।
शिमला (संतोष): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविदंर सिंह सुक्खू ने औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है। शिमला में आयोजित सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) के वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्योगपतियों को पार्टनर के रूप में आमंत्रित किया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि राज्य में निवेशकों का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें काम करने में कोई बाधा आती है तो वे अपनी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में ला सकते हैं। उन्होंने सिंगल विंडो प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि सभी स्वीकृतियां एक ही छत के नीचे मिल सकें।
निवेशकों को 3 क्षेत्रों में निवेश के लिए किया प्रेरित
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विशेष रूप से 3 क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रेरित किया है। पर्यटन और आतिथ्य के क्षेत्र में सरकार इस क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बना रही है। सूचना प्रौद्योगिकी जगत में आधुनिक और भविष्य-उन्मुख उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण को स्थानीय सामर्थ्य का वैश्विक स्तर पर दोहन किया जा रहा है। शिमला की तर्ज पर अब औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में भी बिजली और अन्य सुविधाओं के लिए अंडरग्राऊंड डक्ट्स बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपनी भौगोलिक और पर्यावरणीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए हरित उद्योगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।
आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहा हिमाचल : हर्षवर्धन चौहान
सम्मेलन में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक संकटों का दृढ़ता से सामना किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से लंबित 1500 करोड़ रुपए की सहायता राशि पर भी चर्चा की, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि हिमाचल आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहा है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को चुनने और राज्य की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का लाभ उठाने का आह्वान किया।
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