Hamirpur: रेलवे प्रोजैक्ट में देरी पर फूटा सांसद अनुराग ठाकुर का गुस्सा, हिमाचल और पंजाब सरकार को ठहराया जिम्मेदार

Edited By Vijay, Updated: 21 Mar, 2026 07:32 PM

mp anurag thakur

पूर्व केंद्रीय मंत्री व लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को प्रभावित करने वाली नंगल-ऊना-तलवाड़ा-मुकेरियां नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में विलंब पर हिमाचल व पंजाब सरकार के सहयोग न करने की वजह से हो रही लंबी देरी पर गंभीर चिंता जताई है।

हमीरपुर (राजीव): पूर्व केंद्रीय मंत्री व लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को प्रभावित करने वाली नंगल-ऊना-तलवाड़ा-मुकेरियां नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में विलंब पर हिमाचल व पंजाब सरकार के सहयोग न करने की वजह से हो रही लंबी देरी पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश सरकारों के अपर्याप्त सहयोग के कारण यह महत्वपूर्ण संपर्क एवं सामरिक आधारभूत संरचना की यह परियोजना बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय ने अपने लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण में कमी, लंबित वैधानिक स्वीकृतियां तथा आवश्यक भूमि हस्तांतरण में देरी निर्माण कार्य की प्रगति व लागत दोनों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि नंगल डैम-ऊना-अंदौरा-दौलतपुर चौक खंड का सफलतापूर्वक संचालन हो चुका है और वंदे भारत जैसी ट्रेनें भी अंदौरा तक चल रही हैं, जबकि दौलतपुर चौक-कारटोली-तलवाड़ा खंड पर कार्य अपेक्षित गति से काफी धीमा है। वहीं पूरे कॉरिडोर के लिए आवश्यक 278 हैक्टेयर भूमि में से अब तक केवल 189 हैक्टेयर का ही अधिग्रहण हो पाया है, जिससे परियोजना प्रशासनिक देरी की भेंट चढ़ रही है। 

अनुराग ठाकुर ने बताया कि कारटोली-तलवाड़ा खंड पर लगभग 25 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है, जबकि तलवाड़ा-मुकेरियां खंड पर प्रमुख पुल संरचनाओं में लगभग 70 प्रतिशत प्रगति के बावजूद वन एवं भूमि स्वीकृतियों में देरी, विशेषकर होशियारपुर जिले में 132 हैक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन से संबंधित लंबित मामलों के कारण कार्य प्रभावित है। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन केवल क्षेत्रीय संपर्क परियोजना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का एक रणनीतिक वैकल्पिक कॉरिडोर है, जो पठानकोट-जम्मू मार्ग का विकल्प प्रदान करने के साथ पंजाब के कांडी क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश के ऊना-हमीरपुर क्षेत्र को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। 

अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब में रेलवे अवसंरचना के लिए बजट आवंटन को वर्ष 2009-14 के दौरान औसतन 225 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 5,421 करोड़ रुपए कर दिया है, जोकि केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके बावजूद संबंधित राज्य सरकारों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश सरकारों से आग्रह किया कि वे लंबित भूमि हस्तांतरण को प्राथमिकता दें, वन स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करें और जिला स्तर पर मुआवजा वितरण से जुड़े सभी अवरोध दूर करें। 

अनुराग ठाकुर ने  केंद्र, रेलवे और दोनों राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित करने की भी मांग की, जो प्रत्येक पखवाड़े बैठक कर तय लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति की समीक्षा करे, जब तक तलवाड़ा-मुकेरियां खंड पूर्ण रूप से चालू न हो जाए। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, ऊना व हिमालयी क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए सभी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान आवश्यक है, ताकि यह महत्वपूर्ण परियोजना प्रशासनिक उदासीनता का शिकार न बने।

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