Edited By Jyoti M, Updated: 31 Aug, 2025 01:01 PM

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी शिमला के विकासनगर इलाके में देर रात हुए भूस्खलन से कई गाड़ियां मलबे में दब गईं। यह घटना काली माता मंदिर के पास हुई, जहां भारी बारिश के कारण पहाड़ का एक हिस्सा ढह गया। स्थानीय...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी शिमला के विकासनगर इलाके में देर रात हुए भूस्खलन से कई गाड़ियां मलबे में दब गईं। यह घटना काली माता मंदिर के पास हुई, जहां भारी बारिश के कारण पहाड़ का एक हिस्सा ढह गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई गाड़ियां भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इलाके में डर का माहौल है।
पूरे हिमाचल में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया है। राज्य के पांच अलग-अलग हिस्सों में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कुल्लू जिले के हिड़व, शरची और बशला में, रामपुर के ज्यूरी में बधाल में और चंबा जिले के चुराह में बादल फटे हैं। इन घटनाओं के कारण कई घरों, वाहनों और सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
रामपुर के 12/20 क्षेत्र में भी भूस्खलन हुआ, जिससे पांच घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में मलबे में दबने से एक पिता और उनके बेटा घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा मार्ग पर फंसे करीब 6,000 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने में सफलता पाई है। इन सभी श्रद्धालुओं को सरकारी और निजी वाहनों की मदद से उनके घरों तक पहुंचाया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।