Edited By Vijay, Updated: 31 Aug, 2025 06:51 PM

हिमाचल प्रदेश इन दिनों फिर से मानसून की भारी बारिश की चपेट में है, जिससे कई इलाकों में भारी नुक्सान हुआ है। पहाड़ खिसकने, सड़कें बंद होने और कई लोगों के बेघर होने की खबरें आ रही हैं।
शिमला (संताेष): हिमाचल प्रदेश इन दिनों फिर से मानसून की भारी बारिश की चपेट में है, जिससे कई इलाकों में भारी नुक्सान हुआ है। पहाड़ खिसकने, सड़कें बंद होने और कई लोगों के बेघर होने की खबरें आ रही हैं। ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को राजधानी शिमला पहुंचते ही हालात की गंभीरता को देखते हुए आपदा की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2 बजे अपने आधिकारिक आवास ओकओवर पहुंचे। वह लगातार हो रही बारिश और उसके कारण उत्पन्न हालाताें से बेहद चिंतित नजर आए। शिमला पहुंचते ही उन्होंने मुख्य सचिव से फौरन बैठक कर पूरे प्रदेश की जानकारी ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने उन्हें प्रभावित इलाकाें की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, यह भी बताया गया कि अब तक कितने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, किन जिलों में राहत कैंप लगाए गए हैं और कहां-कहां फोर्स तैनात की गई है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की जान और सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। प्रशासन को चौकस रहकर हरसंभव मदद पहुंचानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, ऐसे में आम जनता सावधानी बरते और प्रशासन के साथ सहयोग करे। उन्होंने कहा कि लोग बिना जरूरत के यात्रा से बचें, खासतौर पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं।
बता दें कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने एक दिन पहले शनिवार को खुद चम्बा और कांगड़ा जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया था। उन्होंने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के ऊपर उड़ान भरकर नुकसान का आकलन किया। रविवार को उनका कुल्लू जिले का दौरा भी प्रस्तावित था, लेकिन खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान संभव नहीं हो पाई।