Edited By Jyoti M, Updated: 29 Mar, 2026 11:41 AM

विकास के विभिन्न मानकों में अव्वल रहने वाले जिला हमीरपुर में इस समय अरबों रुपये की परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं। इनमें से कुछ परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनसे न केवल जिला हमीरपुर के विकास को नया बल मिलेगा, बल्कि इससे हिमाचल प्रदेश के सबसे छोटे जिले को...
हमीरपुर (राजीव)। विकास के विभिन्न मानकों में अव्वल रहने वाले जिला हमीरपुर में इस समय अरबों रुपए की परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं। इनमें से कुछ परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनसे न केवल जिला हमीरपुर के विकास को नया बल मिलेगा, बल्कि इससे हिमाचल प्रदेश के सबसे छोटे जिले को एक नई पहचान भी मिलेगी। इन्हीं परियोजनाओं में से एक है जोल सप्पड़ में बन रहा डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज (आरकेजीएमसी) हमीरपुर का नया कैंपस।
इस मेडिकल कॉलेज को एक उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले समय में 8 सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। जोल सप्पड़ में मेडिकल कालेज के विभिन्न भवनों एवं ब्लॉकों के लिए लगभग 500 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इस नए परिसर में अकैडमिक ब्लॉक और अस्पताल भवन का कार्य पूरा हो चुका है। इसी परिसर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, सभागार और अन्य भवनों के कार्य भी प्रगति पर हैं। यहां कैंसर केयर संस्थान के निर्माण के लिए 90 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
यहीं पर नर्सिंग कॉलेज, डेंटल कॉलेज, 200 बिस्तर का मदर-चाइल्ड अस्पताल, नशा मुक्ति एवं उपचार केंद्र, प्रशासनिक ब्लॉक, छात्रावास और अन्य भवनों के निर्माण कार्य शुरू करने के लिए भी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इन सभी ब्लॉकों एवं भवनों के निर्माण और कैंसर केयर संस्थान एवं सुपर स्पेशियलिटी विभागों के शुरू होने के बाद यह मेडिकल कॉलेज केवल हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों में शामिल होगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह का कहना है कि इस मेडिकल कॉलेज पर प्रदेश सरकार विभिन्न चरणों में 1000 करोड़ रुपए से अधिक धनराशि खर्च करेगी।
हमीरपुर को नई पहचान देने जा रही दूसरी बड़ी परियोजना है अंतर्राज्यीय बस अड्डे का निर्माण। जी हां, हिमाचल प्रदेश के मध्य में स्थित हमीरपुर शहर में पिछले दो दशकों से एक नए एवं बड़े अंतर्राज्यीय बस अड्डे की जरूरत महसूस हो रही थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यहां नए बस अड्डे का कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा था।
लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व जब हमीरपुर में नए अंतर्राज्यीय बस अड्डे का निर्माण कार्य आरंभ हुआ तो जिलावासियों की एक बहुत बड़ी मांग पूरी होती नजर आई। आज इस बस अड्डे का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और इस पर लगभग 125 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इस बहुमंजिला बस स्टैंड में बसों और अन्य वाहनों के लिए पार्किंग के अलावा कई सरकारी और अर्द्ध सरकारी कार्यालयों के संचालन के लिए भी बेहतरीन व्यवस्था रहेगी। यह हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा बस अड्डा होगा और इसके माध्यम से हमीरपुर शहर को एक नई पहचान मिलेगी।
जिला में अगर तीसरी बड़ी परियोजना की बात करें तो वह है, नादौन में निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम। नादौन के खरीड़ी मैदान में लगभग 115 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस इंडोर स्टेडियम में कुल 17 खेलों के लिए वर्ल्ड क्लास सुविधाओं का प्रावधान किया जा रहा है। यह इंडोर स्टेडियम न केवल हिमाचल प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक वरदान साबित होगा, बल्कि नादौन सहित पूरे जिला हमीरपुर का नाम खेल जगत में रोशन करेगा। इन तीन बड़ी परियोजनाओं के अलावा भी जिला हमीरपुर में करोड़ों रुपए की कई ऐसी परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं, जोकि जिला के चहुंमुखी विकास को बल देंगी।