Edited By Vijay, Updated: 28 Apr, 2026 01:28 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की पुलिस ने नशे के खिलाफ जारी अपने व्यापक अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। बालूगंज थाना पुलिस ने बिहार से एक अंतर्राज्यीय नशा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की पुलिस ने नशे के खिलाफ जारी अपने व्यापक अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। बालूगंज थाना पुलिस ने बिहार से एक अंतर्राज्यीय नशा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार के भोजपुर जिले से 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार शिमला में पकड़े गए चिट्टे के एक मामले से जुड़े थे।
मामले की शुरुआत 23 फरवरी 2026 को हुई, जब बालूगंज पुलिस ने चौपाल निवासी आरोपी अविनाश चौहान के कब्जे से 6.7 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। यह गिरफ्तारी महज एक शुरुआत थी। शिमला पुलिस ने मामले को यहीं खत्म न करते हुए, इसके बैकवर्ड लिंकेज और नशा सप्लाई करने वाले मुख्य नैटवर्क की तह तक जाने का फैसला किया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अविनाश से गहन पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वह शिमला से पैसे बिहार में अपने साथियों के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करता था। पुलिस ने इस मनी ट्रेल का पीछा किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 24 अप्रैल, 2026 को बिहार के भोजपुर जिले के हरदुआ गांव में दबिश दी। वहां से पुलिस ने 2 मुख्य आरोपियों विशाल यादव (20) और जय प्रकाश (27) को गिरफ्तार किया। अब दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर शिमला लाया गया है।
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी विशाल यादव के बैंक खातों की छानबीन में पिछले महज 5 महीनों के भीतर करीब 40 लाख रुपए के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। पुलिस के अनुसार इन खातों से रोजाना नकदी निकाली जाती थी, जो यह साबित करता है कि यह कोई छोटा-मोटा काम नहीं, बल्कि एक संगठित नशा तस्करी का नैटवर्क है।
एएसपी शिमला अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में आगे की गहन जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नैटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और इसका फैलाव किन-किन राज्यों तक है। शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरैंस अभियान इसी तरह सख्ती के साथ जारी रहेगा।
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