Edited By Kuldeep, Updated: 23 Apr, 2026 09:43 PM

हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में अब कोर्ट केसों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसी कड़ी में लिटिगेशन मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर (एलएमएस) के तहत ऑनलाइन वेटिंग मॉड्यूल को अनिवार्य कर दिया गया है।
शिमला (राक्टा): हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में अब कोर्ट केसों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसी कड़ी में लिटिगेशन मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर (एलएमएस) के तहत ऑनलाइन वेटिंग मॉड्यूल को अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय की तरफ से सभी जिला पुलिस प्रमुखों, रेंज कार्यालयों और संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलएमएस पोर्टल पर लॉग इन कर आईडी सक्रिय करें और पासवर्ड बदलकर सिस्टम का उपयोग शुरू करें। इसके पीछे विभाग का उद्देश्य कोर्ट मामलों की रियल टाइम मॉनीटरिंग और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाना है। जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि एजी ऑफिस भी इसी ऑनलाइन वेटिंग मॉडयूल के जरिए काम करेगा और जल्द पुराने मैनुअल सिस्टम को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
ऐसे में सभी केस से संबंधित दस्तावेज और जानकारी एलएमएल पोर्टल पर ही अपलोड करनी होगी। इन सभी पहलुओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों से जुड़े, सभी लंबित कोर्ट केस निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि उनकी निगरानी समय पर हो सके। विभाग ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है और इसे अत्यंत जरूरी श्रेणी में रखा गया है।
जवाबदेही होगी तय
पुलिस मुख्यालय ने अपने निर्देशों में स्पष्ट किया है कि यदि कोई कार्यालय इस मॉड्यूल का उपयोग नहीं करता है या देरी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय की होगी। हाईकोर्ट से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी की स्थिति में जवाबदेही भी तय की जाएगी।