Himachal: ड्यूटी ज्वाइन कर 5 साल तक गायब रही प्रवक्ता, अब शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

Edited By Vijay, Updated: 13 Mar, 2026 11:20 AM

lecturer remains absent for 5 years after joining duty

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में शिक्षा विभाग ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले के तीसा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात जीव विज्ञान की एक प्रवक्ता को बिना अनुमति 5 साल तक ड्यूटी से गायब रहने के आरोप में सेवा से...

शिमला/चम्बा (प्रीति/सुभानदीन): हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में शिक्षा विभाग ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले के तीसा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात जीव विज्ञान की एक प्रवक्ता को बिना अनुमति 5 साल तक ड्यूटी से गायब रहने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार उक्त प्रवक्ता ने 6 सितम्बर, 2019 को तीसा के स्कूल में पदभार ग्रहण किया था, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि ज्वाइनिंग के बाद वह केवल 3 दिन ही स्कूल आईं। इसके बाद पहले उन्होंने लगातार छुट्टियों के आवेदन भेजे और फिर 8 नवम्बर, 2019 से बिना किसी पूर्व अनुमति के स्कूल से पूरी तरह नदारद हो गईं। पिछले 5 सालों में उन्होंने न तो हाजिरी लगाई और न ही अपनी अनुपस्थिति का कोई उचित कारण बताया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 16 अक्तूबर, 2024 को उनके खिलाफ चार्जशीट जारी कर विभागीय जांच शुरू की। जांच के दौरान प्रवक्ता को अपना पक्ष रखने के लिए कई नोटिस भेजे गए, लेकिन उन्होंने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही जांच अधिकारी के सामने पेश हुईं। इसके बाद उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकतरफा जांच पूरी की गई, जिसमें उनके खिलाफ लगे आरोप पूरी तरह सही पाए गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने 18 दिसम्बर, 2025 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। इसके जवाब में 4 फरवरी, 2026 को अर्चना शर्मा ने कोई ठोस साक्ष्य पेश करने के बजाय स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मांग कर डाली। शिक्षा विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के दौरान वीआरएस नहीं दिया जा सकता।

विभाग का कहना है कि प्रवक्ता के इतने लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण स्कूल में जीव विज्ञान की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई और छात्रों को भारी शैक्षणिक नुक्सान उठाना पड़ा। शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए आखिरकार उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग के निदेशक की ओर से ये आदेश जारी किए गए हैं।

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