Kangra: बेमौसम बारिश से गेहूं की कटाई थमी, किसान मौसम साफ होने पर ही करें कटाई

Edited By Kuldeep, Updated: 05 May, 2026 02:01 PM

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प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में गेहूं की फसल की कटाई पर मौसम ने ब्रेक लगा दिया है। पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते जहां खेतों में काम प्रभावित हुआ है, वहीं आगामी दो दिनों तक भी वर्षा की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

पालमपुर (भृगु): प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में गेहूं की फसल की कटाई पर मौसम ने ब्रेक लगा दिया है। पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते जहां खेतों में काम प्रभावित हुआ है, वहीं आगामी दो दिनों तक भी वर्षा की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के निचले क्षेत्रों जैसे फतेहपुर, ज्वाली, नूरपुर और इंदौरा में करीब 80 प्रतिशत गेहूं की कटाई और थ्रैशिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इसके विपरीत नगरोटा बगवां, पालमपुर, पंचरुखी, बैजनाथ और धर्मशाला जैसे धौलाधार के समीपवर्ती क्षेत्रों में यह कार्य अभी लगभग 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। मौसम के बदले रुख के चलते किसानों ने फिलहाल कटाई और थ्रैशिंग का कार्य रोक दिया है।

मौसम साफ होने के बाद ही कटाई करें
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में अभी गेहूं की कटाई नहीं हुई है, वे मौसम साफ होने के बाद ही कटाई करें। साथ ही कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ने और उसे सुरक्षित स्थान पर रखने या ढकने की हिदायत दी गई है, ताकि बारिश के कारण दानों के काले पड़ने से गुणवत्ता प्रभावित न हो और किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

अभी जारी रहेगी हल्की बारिश
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 6 मई को कुछ स्थानों पर आंधी, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं 6 और 10 मई को वर्षा, 7 और 8 मई को हल्की बारिश या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा 9 मई को मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार कांगड़ा में अब तक सामान्य से 235 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जहां सामान्य तौर पर 7.3 मिमी वर्षा होती है, वहीं इस अवधि में 24.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी जिले के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

सब्जियों के लिए अमृत बनी बारिश
जहां एक ओर गेहूं उत्पादक किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर यह बारिश सब्जी उत्पादकों के लिए राहत लेकर आई है। यद्यपि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश सब्जी उत्पादकों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। शिमला मिर्च, फ्रांसबीन, तोरी, घीया और भिंडी जैसी फसलों के लिए यह वर्षा बेहद आवश्यक थी, जिससे इनकी पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। इन सब्जियों को इस समय नमी की सख्त आवश्यकता थी, जो इस बारिश से पूरी हो गई है।

किसान मौसम साफ हाेने पर ही गेहूं की कटाई का कार्य करें तथा कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा खेतों में खुलें में न छोडें। अन्यथा फसल के भीग जाने पर दाने काले पड़ सकते हैं। यद्यपि सब्जियों के लिए वर्षा उपयुक्त हैं। डा कुलदीप धीमान, उप निदेशक कृषि

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